जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ नगर पंचायत में एक तरफ आलाधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि विकास के कसीदे पढ़ते नहीं थकते, वहीं दूसरी ओर नगर की जमीनी हकीकत किसी बदहाल तस्वीर से कम नहीं। यह विरोधाभास तब और भी तीव्र हो जाता है जब छोटी-छोटी बुनियादी समस्याएं भी नगर पंचायत के बस से बाहर होती नजर आती हैं। इन दिनों हो रही लगातार बारिश ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बारिश का पानी सड़कों से होते हुए लोगों के घरों तक पहुंचने की स्थिति बना चुका है। और वहीं नगर की नालियों की दशा इतनी खराब है कि समय रहते उनकी सफाई तक नहीं कराई जा सकी, परिणामस्वरूप गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है। ताजा मामला नगर के हृदयस्थल गांधी चौक के समीप का है, जहां धरमजयगढ रायगढ़ रोड़ महाराणा प्रताप चौक से गांधी चौक तक की नाली पूरी तरह जाम हो चुकी है। इस कारण गंदगीयुक्त पानी सड़कों पर फैलकर आवागमन को दूभर बना रहा है। स्थानीय नागरिकों की माने तो शिकायतों के बावजूद न तो किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया, न ही सफाई व्यवस्था को सुधारने के प्रयास हुए। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नगर पंचायत द्वारा किया जाने वाला विकास का बखान केवल दिखावा मात्र है? क्या स्वच्छता के नाम पर होने वाली प्रशंसा महज कागजी साबित हो रही है? और वहीं धरातल पर फैली गंदगी और अव्यवस्था देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो नगर के अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल तस्वीरों और भाषणों में स्वच्छता और विकास की झांकी दिखाने में व्यस्त हैं, जबकि जनता रोजमर्रा की मूलभूत समस्याओं से त्रस्त है। धरमजयगढ़ की जनता अब यह पूछने लगी है—”क्या यही है विकास की असली तस्वीर?”



