जोहार छत्तीसगढ़-कबीरधाम।
कबीरधाम जिले के लोहारा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमंदा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच दीनदयाल साहू पर आरोप है कि उनके नेतृत्व में निर्दोष बंदरों को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया और उनके शवों को गांव के शौचालय के मल-मूत्र युक्त गड्ढों में फेंक दिया गया। इस अमानवीय और बर्बर कृत्य के विरोध में क्षेत्र के जीव प्रेमी आक्रोशित हैं।
गौ सेवक हरीश चौहान, रोमन पाण्डेय (देवरबीजा) और चतुर सिन्हा (सैगोना, जिला बेमेतरा) ने इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा करते हुए वन विभाग और प्रशासन से सख्त कार्यवाही की मांग की है। इन जीव प्रेमियों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए इस जघन्य अपराध में लिप्त सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बंदरों ने गांव को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था, फिर भी सरपंच के आदेश पर एक बाहरी शिकारी को बुलाकर बेजुबान जीवों की निर्मम हत्या कर दी गई। कुछ बंदरों के शव अभी भी गांव में क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े हैं। वन्य जीव संरक्षण कानून और नैतिकता दोनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले इस घटना ने पूरे क्षेत्र में रोष फैला दिया है। जीव प्रेमियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्यवाही नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।



