जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
छत्तीसगढ़ की मुख्या विष्णुदेव साय आज मंत्रीमंडल की बैठक बुलाकर एक अहम फैसला लिया है। नगरीय निकाय में मनोनित पार्षद जिसे एल्डरमेन के नाम से जाना जाता है। केबिनेट की बैठक में कई फैसला लिया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय मंत्री अरूण साव की मांग पर केबिनेट ने नगरीय निकाय में मनोनित पार्षद का पद को निरस्त कर दिया गया है, वहीं पार्षदों के मानदेय को बढ़ाया गया है। साय सरकार ने एक बार फिर से अध्यक्ष को चेक पॉवर दिया गया है। रमन सरकार में नगरीय निकाय के अध्यक्ष का चेक पॉवर खत्म कर दिया था। कांग्रेस की भुपेश सरकार ने रमन सरकार द्वारा चेक पावर को खत्म करने का आदेश को निरस्त करते हुए फिर से नगरीय निकाय के अध्यक्ष को चेक पावर दिया गया था। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही फिर से एक बार चेक पावर खत्म कर दिया था। लेकिन नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा को जबरदस्त जीत हासिल होते ही साय सरकार ने फिर से चेक पावर दे दिया है। कांग्रेस साय सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगते हुए बताया कि नगरीय निकाय में भाजपा का अध्यक्ष बैठते ही उनको लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जब नगरीय निकाय में कांग्रेस का अध्यक्ष अधिक थे तब साय सरकार ने चेक पावर खत्म किया था। हो.स.