जोहार छत्तीसगढ़-रतनपुर।
शासकीय प्राथमिक शाला तिलकडीह,विकास खंड कोटा, जिला बिलासपुर के शिक्षक बलदऊ सिंह श्याम ने अपने विद्यालय के बच्चों को स्थानीय कामगरों के बारे में जानकारी जुटाने व स्वरोजगार के प्रति समझ विकसित करने के लिए गांव के आसपास के कुशल कारीगरों को सप्ताह में एक दिन शाला में बुलाकर या उनके घर जाकर बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा देने का प्रयास पिछले कोरोना कॉल से पहल कर रहे हैं पिछले शनिवार को बांस से टुकनी, सूपा,झाडू बनाने वाले बिरहोर जनजाति के बारे जानकारी जुटाने खास बात चीत करने के लिए जिला कोरबा, पाली विकास खण्ड अंर्तगत ग्राम पंचायत शिवपुर के अति पिछड़ी जनजाति बिरहोर मोहल्ला में बिरहोर समाज की विभिन्न दिनचर्या स्वरोजगार संस्कृति के बारे में चर्चा कर जानकारी प्राप्त किया जिसमें बिरहोर समाज के लोगों से झाडू,टुकनी,झऊहा,सुपा,गन्र्ना विभिन्न प्रकार की बास के औजार बनाने की गतिविधियों साथ ही उनकी संस्कृति रहन, सहन, रीति रिवाज के बारे में बच्चों ने समझे। इस भ्रमण के साथ बच्चों को स्वरोजगार में जोडऩे समझने का प्रयास किया गया जिसमें समाजिक कार्यकर्ता अशोक मरावी जी की सराहनीय सहयोग रहा।



