जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ में कोल ब्लॉक को लेकर जारी विरोध के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने केपीसीएल से जुड़े दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार के हस्ताक्षर से जारी बताए जा रहे एक अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर अध्यक्ष ने खुद बड़ा खुलासा किया है। उनका स्पष्ट कहना है कि उन्होंने केपीसीएल अथवा किसी अन्य कंपनी को ऐसा कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। मामला सामने आने के बाद सवाल उठने लगा है कि आखिर नगर पंचायत अध्यक्ष की फर्जी हस्ताक्षर वाला एनओसी तैयार कैसे हुआ? यदि अध्यक्ष के दावे के अनुसार हस्ताक्षर उनके नहीं हैं, तो फिर इस दस्तावेज को तैयार करने और इस्तेमाल करने के पीछे कौन है?
अध्यक्ष ने एनओसी को बताया फर्जी
नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार ने केपीसीएल के नाम पर जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर साफ कहा है कि उक्त एनओसी उनके द्वारा जारी नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कंपनी को उन्होंने किसी प्रकार की अनापत्ति नहीं दी है। अध्यक्ष के इस बयान के बाद अब कथित एनओसी की सत्यता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दस्तावेज में नगर पंचायत अध्यक्ष के हस्ताक्षर एवं सील का इस्तेमाल किया है।
मेरी अनुमति नहीं तो हस्ताक्षर किसने किए?
अध्यक्ष अनिल सरकार का कहना है कि यदि उनके हस्ताक्षर से कोई दस्तावेज तैयार कर उसे वास्तविक एनओसी के रूप में इस्तेमाल किया गया है, तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बतया कि इस मामले को किसी भी स्तर पर दबने नहीं दिया जाएगा। फर्जी हस्ताक्षर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की लिखित शिकायत एसडीएम और थाना धरमजयगढ़ कार वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा।
कोल ब्लॉक विरोध के बीच सामने आया नया विवाद
धरमजयगढ़ क्षेत्र में कोल ब्लॉक को लेकर पहले से ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण लगातार कोल परियोजनाओं के विरोध में आवाज उठा रहे हैं और जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा रहे हैं। इसी बीच नगर पंचायत अध्यक्ष के नाम से कथित एनओसी सामने आने और अध्यक्ष द्वारा उसे फर्जी बताए जाने से मामला और गरमा गया है। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कोल ब्लॉक से जुड़े कंपनियां फर्जी दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया है?
जांच हुई तो सामने आ सकता है पूरा सच
मामले में अब प्रशासन और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। अध्यक्ष द्वारा लिखित शिकायत करने के बाद जांच में स्पष्ट होगा की केपीसीएल को एनओसी किसने जारी किया। फिलहाल नगर पंचायत अध्यक्ष के बयान ने केपीसीएल के कथित एनओसी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल अगर अध्यक्ष अनिल सरकार ने एनओसी में हस्ताक्षर नहीं किया, तो उनके हस्ताक्षर वाला यह दस्तावेज में किसने हस्ताक्षर किया है?








