जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ विकासखंड में शासकीय राशन की हेराफेरी का मामला एक बार फिर सामने आया है। गनपतपुर स्थित शासकीय राशन दुकान में लाखों रुपये के राशन की कथित हेराफेरी के मामले में रैरूमा चौकी पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार गनपतपुर की शासकीय राशन दुकान का संचालन जननी महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था। समूह की अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान तथा राशन विक्रेता शहनवाज खान, तीनों निवासी पीपरमार, धरमजयगढ़ के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
18 लाख 86 हजार से अधिक की राशन हेराफेरी का आरोप
खाद्य विभाग की ओर से की गई शिकायत के अनुसार राशन दुकान में 18 लाख 86 हजार 635 रुपये मूल्य के शासकीय राशन की हेराफेरी किए जाने का आरोप है। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक द्वारा रैरूमा चौकी में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर धरमजयगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 288/26 के तहत धारा 316(5), 3(5) बीएनएस तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्यवाही
मामला दर्ज होने के बाद रैरूमा चौकी पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। पुलिस कार्यवाही करते हुए राशन दुकान के विके्रता शहनवाज खान तथा जननी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रूबीना खान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं समूह की सचिव शाहिन खान फरार बताई जा रही हैं। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
राशन व्यवस्था पर फिर उठ रहे सवाल
धरमजयगढ़ विकासखंड में शासकीय राशन दुकानों से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले राशन में यदि लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोप सामने आते हैं, तो इससे पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि राशन दुकान में इतनी बड़ी राशि के राशन की कथित हेराफेरी हुई, तो विभागीय स्तर पर इसकी निगरानी और सत्यापन व्यवस्था के बावजूद मामला लंबे समय तक कैसे चलता रहा। शिकायत सामने आने के बाद अब पुलिस कार्यवाही से उम्मीद है कि पूरे मामले की जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि कथित हेराफेरी किस स्तर पर और किस तरीके से की गई।
जांच में सामने आ सकते हैं और तथ्य
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एक आरोपी फरार है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शासकीय राशन की कथित हेराफेरी किस स्तर पर हुई। बताया जा रहा है कि राशन विक्रेता शहनवाज खान द्वारा तीन राशन दुकान का संचालन किया जा रहा था, और सभी दुकान में लाखों का राशन घोटाला हुआ है जांच होने पर आरोपी के खिलाफ और भी एफआईआर हो सकते हैं? मिली जानकारी अनुसार गिरफ्तर आरोपी पति पत्नी की तबीयत खराब होने से अस्पताल में भार्ति किया गया है।








