जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में नगर पंचायत की दुकानों के प्रथम तल पर दुकान निर्माण के लिए दी गई अनुमति को लेकर अब विरोध के स्वर उठने लगे हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष सहित 11 पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर दुकानदार को दुकान के ऊपरी तल पर निर्माण की दी गई अनुमति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि सीएसआर मद से निर्मित नगर पंचायत की दुकानों के ऊपर प्रथम तल पर दुकान निर्माण की अनुमति दिया जाना नियमों के विपरीत है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत की संपत्ति का इस प्रकार निजी उपयोग के लिए विस्तार करने की अनुमति देने से निकाय को भविष्य में मिलने वाले राजस्व का बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए मामले की जांच कर दी गई अनुमति को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
खुली नीलामी से नगर पंचायत को हो सकता है करोड़ों का राजस्व
दुकानदारों को दुकान के प्रथम तल पर दुकान बनाने की अनुमति को निरस्त करते हुए नगर पंचायत स्वयं दुकानों के प्रथम तल पर निर्माण कराकर उसका खुली नीलामी के माध्यम से आवंटन करना चाहिए, ऐसे करने से नगर पंचायत को लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। पार्षदों के मुताबिक, नगर पंचायत की संपत्ति सार्वजनिक संपत्ति है और इससे अधिकतम राजस्व अर्जित करना निकाय के हित में है। ऐसे में किसी एक दुकानदार को ऊपरी तल पर दुकान निर्माण की अनुमति देने के बजाय नगर पंचायत को स्वयं निर्माण कराकर पारदर्शी तरीके से खुली नीलामी करनी चाहिए। इससे नगर पंचायत की आय में वृद्धि होगी और प्राप्त राशि का उपयोग नगर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। पार्षदों ने सीएमओ से पूरे मामले की समीक्षा कर दुकानदार को दी गई प्रथम तल निर्माण की अनुमति निरस्त करने तथा नगर पंचायत के राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्यवाही करने की मांग की है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस शिकायत और पार्षदों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और प्रथम तल की दुकानों को लेकर किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है।








