जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ शहर में फ्लाईऐश परिवहन करने वाले वाहनों की मनमानी और लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। महाराणा प्रताप चौक के पास फ्लाईऐश से लदा वाहन क्रमांक ओडी 22 जेड 2695 के पलटने के बाद सड़क किनारे बड़ी मात्रा में फ्लाईऐश बिखरी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वाहन में क्षमता से अधिक फ्लाईऐश लोड होने के कारण वाहन के पलटने की स्थिति बनी। हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद ट्रक को तो मौके से हटा लिया जाता है, लेकिन फ्लाईऐश को सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता। इसके कारण राहगीरों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी बढ़ जाती है। बारिश के पानी के साथ फ्लाईऐश बहकर सड़क पर फैल रही है, जिससे सड़क पर फिसलन के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
हादसा वाहन का या व्यवस्था की लापरवाही का?
फ्लाईऐश से भरे भारी वाहन शहर की सड़कों पर लगातार आवाजाही करते हैं। यदि किसी वाहन के पलटने के बाद उसमें लदी फ्लाईऐश को तत्काल हटाने की व्यवस्था नहीं है, तो यह केवल वाहन मालिक की जिम्मेदारी का सवाल नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। हादसे के बाद वाहन को मौके से हटा देना ही पर्याप्त नहीं है। सड़क पर फैली फ्लाईऐश को हटाकर सड़क की सुरक्षित स्थिति बहाल करना भी जरूरी है। लेकिन महाराणा प्रताप चौक के पास स्थिति यह है कि वाहन को तो उठा लिया गया है क्या फ्लाईऐश वहीं रह जायेग?
अस्पताल चौक की घटना से भी नहीं लिया सबक?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले अस्पताल चौक के पास भी फ्लाईऐश से लदा वाहन पलटने की घटना सामने आई थी। उस समय भी वाहन को हटाने के बाद फ्लाईऐश मौके पर छोड़ दिया गया था।
एक ही तरह की घटनाएं बार-बार सामने आने के बावजूद यदि सड़क पर बिखरी फ्लाईऐश को समय पर नहीं हटाया जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है?
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल
फ्लाईऐश परिवहन के दौरान नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सामग्री लोड की जा रही है या नहीं, वाहन सुरक्षित तरीके से परिवहन कर रहे हैं या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लाईऐश परिवहन करने वाले वाहनों पर प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण वाहन चालक और मालिक बेखौफ होकर ओवरलोड एवं तेज र$फ्तार से परिवहन कर रहे हैं। हादसे के बाद सड़क पर फ्लाईऐश छोड़ दिए जाने के मामलों में भी यदि कार्यवाही नहीं होती है तो इनका हौसला और बड़ जाता है।
अब सवाल सिर्फ ट्रक का नहीं, सड़क पर पड़े फ्लाईऐश का
महाराणा प्रताप चौक जैसी व्यस्त जगह पर सड़क किनारे पड़ी फ्लाईऐश को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसका होगा क्या? क्या प्रशासन मौके का निरीक्षण कर फ्लाईऐश को हटवाएगा? क्या वाहन की लोडिंग क्षमता और दस्तावेजों की जांच होगी? क्या सड़क पर फ्लाईऐश छोडऩे की जिम्मेदारी तय होगी? और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फ्लाईऐश परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्यवाही होगी? फिलहाल महाराणा प्रताप चौक के पास सड़क किनारे पड़ी फ्लाईऐश प्रशासन के लिए खुली चुनौती बनी हुई है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इसे महज एक सड़क हादसा मानकर छोड़ देता है या फिर वाहन, परिवहन और सड़क पर छोड़ी गई फ्लाईऐश की पूरी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करता है।








