जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
नगर के बहुप्रतीक्षित गौरव पथ निर्माण को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पुलिस लाइन के सामने स्थित दुकानों के सामने नए निर्माण कार्य की पूर्व में दी गई अनुमति को निरस्त करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रभाकर शुक्ला ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय भविष्य में गौरव पथ निर्माण के दौरान संभावित बाधाओं और जल निकासी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नगरहित में लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सीएमओ साहू द्वारा कुछ दुकानदारों को अपनी मौजूदा दुकानों के सामने अतिरिक्त दुकान अथवा निर्माण कार्य करने की अनुमति दी गई थी। अनुमति मिलने के बाद दुकानदार निर्माण कार्य शुरू दी थी। लेकिन वर्तमान में प्रस्तावित गौरव पथ की योजना और उसके निर्माण से जुड़ी आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद सीएमओ प्रभाकर शुक्ला ने पूर्व में दी गई अनुमति को निरस्त करते हुए संबंधित निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि कन्या हाई स्कूल से पीपरमार चौक तक करोड़ों रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण प्रस्तावित है। इस मार्ग को बेहतर और व्यवस्थित स्वरूप देने के साथ ही सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की भी योजना है। ऐसे में सड़क किनारे अथवा दुकानों के सामने नए निर्माण होने से भविष्य में गौरव पथ निर्माण के दौरान जगह की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
जल निकासी व्यवस्था भी बन सकती थी बड़ी समस्या?
नगर पंचायत प्रशासन के सामने जल निकासी व्यवस्था भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई थी। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जल निकासी के लिए बनी नाली कुछ दुकानों के सामने से होकर गुजरती है। यदि दुकानों के सामने नए निर्माण हो जाते हैं और नाली निर्माण के दायरे में आ जाती है, तो भविष्य में नाली की सफाई और रखरखाव में गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है। नाली जाम होने की स्थिति में नगर पंचायत के लिए जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन्हीं सभी संभावित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीएमओ प्रभाकर शुक्ला ने नगरहित को प्राथमिकता देते हुए पूर्व में दी गई निर्माण अनुमति को निरस्त करने का निर्णय लिया। प्रशासन का मानना है कि गौरव पथ जैसे महत्वपूर्ण और बड़े विकास कार्य के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभी से व्यवस्था स्पष्ट रखना जरूरी है, ताकि निर्माण के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अतिक्रमण संबंधी परेशानी सामने न आए।
नगरहित को प्राथमिकता देने का वाला फैसला
नगर में करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले गौरव पथ को लेकर लोगों में भी उम्मीदें हैं। सड़क के साथ दोनों ओर व्यवस्थित नाली निर्माण होने से जहां आवागमन की सुविधा बेहतर होने की संभावना है, वहीं जल निकासी व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है। ऐसे में सड़क और नाली निर्माण के लिए आवश्यक स्थान को सुरक्षित रखना नगर पंचायत प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीएमओ शुक्ला के इस निर्णय को नगरहित से जोड़कर देखा जा रहा है। नगरवासियों का कहना है कि भविष्य की विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय उचित है। यदि अभी निर्माण कार्यों को बिना योजना के आगे बढऩे दिया जाता, तो बाद में गौरव पथ और नाली निर्माण के समय बड़ी समस्या खड़ी हो सकती थी। नगरवासियों ने सीएमओ प्रभाकर शुक्ला के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि नगर के दीर्घकालीन विकास और गौरव पथ निर्माण को प्राथमिकता देना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण कार्य को कब तक गति देता है और धरमजयगढ़ नगर को करोड़ों रुपये की लागत से प्रस्तावित गौरव पथ की सौगात कब मिलती है।








