जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में लंबे समय से जंगल और सुनसान इलाकों में चोरी-छिपे जुआ खेलने वाले जुआरियों पर पुलिस ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई का असर अब जुआरियों के बीच साफ दिखाई देने लगा है। हालात यह हैं कि पुलिस की सख्ती के चलते जुआ खेलने वाले लोग अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में यहां-वहां भटकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में जुआ खेलने वाले लोग पुलिस से बचने के लिए रोजाना अपना ठिकाना बदलते थे। कभी जंगल के अंदर तो कभी सुनसान स्थानों पर जुआ का फड़ जमाया जाता था। जुआरी इस बात का पूरा ध्यान रखते थे कि पुलिस को उनके ठिकाने की भनक न लगे। इसके बावजूद थाना प्रभारी राजेश जांगड़े ने जुआरियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया और लगातार संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाई।
जुआ एक्ट के साथ प्रतिबंधक कार्रवाई भी
पुलिस द्वारा जुआरियों के खिलाफ केवल जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंधक कार्रवाई भी की जा रही है। लगातार कार्रवाई होने से जुआरियों में पुलिस का खौफ बढ़ा है। पहले जहां जुआरी बेखौफ होकर फड़ जमाने की कोशिश करते थे, वहीं अब पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उन्हें अपना ठिकाना बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पुलिस की इस सख्ती का असर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो क्षेत्र में जुआ जैसी सामाजिक बुराई पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
छाल थाना क्षेत्र की ओर रुख करने की चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस की लगातार कार्रवाई से परेशान कुछ जुआरी अब कथित तौर पर छाल थाना क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं। वहां भी चोरी-छिपे जुआ खेलने के लिए ठिकाने तलाशे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जुआरियों ने अपना ठिकाना दूसरे थाना क्षेत्र में बदल लिया है तो संबंधित पुलिस को भी ऐसे संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि एक क्षेत्र में कार्रवाई होने के बाद जुआरी दूसरे क्षेत्र को अपना सुरक्षित ठिकाना न बना सकें।
पुलिस की कार्रवाई से जुआरियों में बेचैनी
धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में की जा रही कार्रवाई से जुआरियों में बेचैनी बढ़ने की चर्चा है। लगातार पुलिस कार्रवाई के कारण जुआ खेलने के लिए पहले की तरह आसानी से लोग एकत्र नहीं हो पा रहे हैं। पुलिस की सक्रियता ने जुआरियों के लिए खुलेआम जुआ खेलना मुश्किल कर दिया है।
अब देखना होगा कि धरमजयगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहती है या नहीं। यदि पुलिस द्वारा जुआ के साथ-साथ जुआरियों को संरक्षण देने वाले संभावित ठिकानों और नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जाती है, तो क्षेत्र में जुआ गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।








