जोहार छत्तीसगढ़-सक्ति।
सक्ती, थाना के वार्ड क्रमांक 1 की घटना,रेत माफिया द्वारा पत्रकार को धमकी देते हुए जान से मारने की धमकी हाईवा रोकोगे तो कुचल दूंगा कहते हुए कुचलने की कोशिश सक्ती नगर के वार्ड क्रमांक-1 नगर के भीड़ भाड़ इलाके की घटना रेत माफियाओं के हौसले बुलंद, अवैध रेत परिवहन की जानकारी पूछने पर पत्रकार पर हाईवा चढ़ाने की कोशिश,अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं करने से धड़ल्ले से चल रहा है रेत का अवैध कारोबार, पत्रकार पर हाईवा से कुचलने की कोशिश का CCTV में घटना दिखाई दे रहा है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के बाद भी अवैध खनिज अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश के बाद भी सक्ती खनिज विभाग कुंभकरण नींद में सोया हुआ है जिससे अवैध रेत परिवहन एवं खनन करने वाले रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है। छत्तीसगढ़ में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए खनिजों से जुड़े नियमों में सख्त संशोधन किए हैं।
खनिज विभाग और प्रशासन को दिशा-निर्देश जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी
अवैध उत्खनन व परिवहन पर समझौता (कंपाउंडिंग) राशि की न्यूनतम सीमा 25,000 रुपये तय कर दी गई है। इसके अलावा, अवैध परिवहन पर 2,000 प्रति टन का प्रशमन शुल्क और जब्त खनिज का पूरा मूल्य अलग से वसूला जाएगा।
वाहनों की जब्ती और सुरक्षा राशि
अवैध खनन या परिवहन में पकड़े गए वाहनों (ट्रैक्टर, हाइवा आदि) को छुड़ाने के लिए कोर्ट में 50,000 रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत, यदि किसी जिले में अवैध खनन/परिवहन पाया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिला कलेक्टर एवं खनिज विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कहा गया है केंद्रीय उडऩदस्ता द्वारा जांच में चूक पाए जाने पर स्थानीय प्रशासन पर सख्त कार्रवाई होगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाई-टेक निगरानी (ड्रोन और उडऩदस्ता),खनिज विभाग को संवेदनशील/वल्नरेबल क्षेत्रों (जैसे नदियों के किनारे) में लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है। इसके लिए केंद्रीय उडऩदस्ता द्वारा रात्रिकालीन औचक निरीक्षण को ड्रोन एवं खनिज नियमों में संशोधन का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना सरकार का उद्देश्य था परंतु सक्ती जिले के अधिकारी इस अवैध परिवहन खनन को रोक पाने में नाकाम हो रहे हैं प्रतिदिन कलेक्टर कार्यालय टोल प्लाजा थाना परिसर के सामने से नगर के मध्य से होते हुए सुबह-सुबह 4 बजे से 6बजे तक कई हाईवा रेत का अवैध परिवहन होता है जिसकी सूचना अनेकों बार खनिज शाखा उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है परंतु कार्यवाही नहीं किया जाना समझ से परे है इससे प्रतीत होता है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश का अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है जबकि 15 जून से 15 अक्टूबर तक अवैध रेत खनन परिवहन पर प्रतिबंध होने के बाद भी आखिर यह अवैध रेत हाईवा के माध्यम से नगर में कैसे पहुंच रहा है जिसकी सूचना खनिज विभाग सहित उच्च अधिकारियों को दी जाती है उसके बाद भी मौके पर खनिज विभाग नहीं पहुंचते इससे प्रतीत होता है । खनिज शाखा और उच्च अधिकारियों की सांठ-गांठ से रेत माफिया द्वारा खुलेआम अवैध परिवहन किया जा रहा है नगर के कई जगहों पर अवैध डंप किया जा रहा है अवैध रेत के संबंध में हाईवा चालकों से पत्रकारों द्वारा पूछताछ करने पर हाईवे से कुचलने की धमकी देते हुए कुचलने का प्रयास किया गया जिले में प्रशासन का खौफ रेत माफिया में नहीं है अगर शीघ्र ही ऐसे रेत माफियाओं पर कार्रवाई नहीं की जाएगी तो जिस तरह से सूरजपुर में रेत को लेकर हत्याएं हुई है और जांजगीर जिला के करही में गोली चलाकर युवक की हत्या की गई है इसी प्रकार शक्ति जिले में भी बड़ी घटना हो सकती है। वही नाम नहीं लिखने के शर्त में अवैध परिवहन करने वाले हाईवा संचालक ने बताया प्रति हाईवा हमारे द्वारा खनिज विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को पैसा दिया जाता है तभी तो हम नगर में अपना रेत से भरा हाईवा लेकर आते हैं अगर नगर के सीसीटीवी कैमरे की जांच की जाए तो अवैध परिवहन करते हुए कई हाईवे दिख जाएंगे।
*खनिज अधिकारी बंजारे ने बताया जिस गाड़ी की बात कर रहे हंै उसके पास रॉयल्टी की रसीद है अन्य खनिज माफिया पर कार्रवाई कर रहे हैं।
खनिज अधिकारी बंजारे








