भोपाल । भोपाल के साकेत नगर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अब फैकल्टी के कुल 305 पदों में से 210 पद भर चुके हैं। एम्स में चौथे चरण की भर्ती में फैकल्टी के 60 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति हो गई है। अस्पताल में ये पद भरने का बड़ा फायदा यह होगा कि कई सुपरस्पेशियल्टी विभाग भी अब शुरू हो जाएंगे। अभी एम्स में कोरोना के लिए 500 बिस्तर आरक्षित हैं। इस कारण साधारण ओपीडी बंद है। ऑपरेशन भी सिर्फ इमरजेंसी वाले ही किए जा रहे हैं। एम्स के अधिकारियों ने कहां कि नए फैकल्टी के ज्वाइन करने से अब मरीजों को काफी राहत मिल जाएगी। उन्हें ओपीडी में ज्यादा देर तक इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही सर्जरी के लिए भी वेटिंग कम हो जाएगी। इसके अलावा शाम की ओपीडी भी शुरू की जा सकती है। ट्रामा इमरजेंसी विभाग में भी नए डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है। इसका फायदा यह होगा कि यह विभाग अब पूरी क्षमता के साथ शुरू हो सकेगा। एम्स में फैकल्टी की संख्या बढ़ने से पोस्ट ग्रेजुएशन और सुपर-स्पेशियल्टी सीटें बढ़ सकेगी। नई फैकल्टी आने से रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। स्पेशियल्टी क्लीनिक शुरू किए जा सकेंगे। आइसीयू में बिस्तर बढ़ाए जा सकेंगे। बता दें कि एम्स में सबसे पहले 2012 में फैकल्टी की भर्ती की गई थी। तब 56 पद ही भर पाए थे। इनमें कुछ नौकरी छोड़कर चले गए थे। दूसरी बार की भर्ती में भी करीब 55 पद ही भरे जा सके। डेढ़ साल पहले हुई तीसरी बार की भर्ती में 40 पद भरे गए। चौथे चरण की भर्ती में 60 पद अभी तक भरे जा चुके हैं।


