जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ वन मंडल में भ्रष्टाचार चरम पर देखने को मिल रहा है, भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद भी न तो वन मंडलाधिकारी शिकायत पर ध्यन देते हैं और न ही इनके अधिनस्थ कर्मचारी सब अपने आप में मस्त नजर आ रहे हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल के बोरो रेंज में ग्रामीणों द्वारा खेत बनाने के नाम पर काई एकड़ जंगल को जेसीबी मशीन से साफ कर दिया है, जेसीबी मशीन द्वारा जब जंगल साफ किया जा रहा था तब ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बीड गार्ड को दिया गया था लेकिन बीड गार्ड द्वारा ग्रामीणों की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया। बात सिर्फ जंगल साफ करने का नहीं है, उसी जंगल में 3 बोर भी खोद डाले ग्रामीणों ने और वन विभाग के किसी भी कर्मचारी-अधिकारी को खबर न लगे ऐसा हो सकता है क्या? ये सबसे बड़ा सवाल है।
बिना अनुमति के धड़ल्ले से जारी है निर्माण कार्य
वन विभाग के एक इंच जमीन पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य हो जाये ऐसा हो ही नहीं सकता, ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे कई गांव हैं जहां लोग आज भी सड़क सुविधा विहीन है कारण है सिर्फ और सिर्फ वन विभाग, गांव जाने के लिए जो रास्ता होते हंै वह रस्ता वन विभाग का होना और वन विभाग से निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं मिलता है जिसके कारण ग्रामीणों को सड़क सुविधा नहीं मिलता है। लेकिन विडंबना देखिए ग्रामीणों को अपने गांव जाने के लिए रास्ता नहीं मिलता है वहीं कंपनी वालों के लिए धरमजयगढ़ वन मंडल शासन के हर निमय को दर किनार करते हुए निर्माण कार्य करने की छूट दे दिया है। बाकारूमा परिक्षेत्र में एक कंपनी द्वारा बिना अनुमति के जंगल में निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे हैं, और निर्माण कार्य में रोक लगाने की कोशिश भी वन विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है। ऐस होता है धरमजयगढ़ वनमंडल में।



