जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
कुछ स्वार्थी लोगों के कारण आज नगर का बूरा हाल हो रखा है, नगर की बस स्टैण्ड का हाल देख लीजिए क्या हाल हो रहा है, बस स्टैण्ड में बस घूसने के लिए जगह नहीं है, नगर पंचायत अवैध तरीके से इतना दुकान लगवा दिये हंै, बस स्टैण्ड सुंदर दिखे इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने बस स्टैण्ड के बीचों-बीच लाईन से ठेला वालों को ठेला लगाने जगह दिया था, और दोनों ओर के दुकानदारा को लाभ मिले इसके लिए दोनों ओर से बस आने जाने का व्यवस्था किया था, लेकिन कुछ स्वार्थी जनप्रतिनिधिओं ने बस स्टैण्ड बर्बाद को कर दिया है? कुछ अपने फायदे के लिए ये लोग सड़क उपर ही दुकान लगवा दिए हैं। ये तो रही बस स्टैण्ड का एक छोटा सा उदाहरण, अब देखिए कि धरमजयगढ़ के मुख्य सड़क किनारे का क्या हाल है, हर तरफ अवैध कब्जा का भरमार क्या राजस्व विभाग के आरआई, पटवारी को ये सब दिखाई नहीं देता रोड किनारे हो रखो बेजा कब्जा?
अवैध कब्जाधारियों ने नहीं छोड़ा कन्या क्रीड़ा परिसर को भी?
मजेदार बात है कि धरमजयगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी इतना बेलगाम हो गये हैं कि इनको कोई फ्रर्क नहीं पड़ता चाहे कोई कुछ भी कर ले। बाहर से आये एक दुकानदार ने अवैध तरीके से कन्या परिसर कालोनी के शासकीय दीवार को ही अवैध कब्जाकर साल भर से दुकानदारी कर रहे हैं और इस अवैध दुकानदार को शासकीय हर लाभ भी मिल रहा है जैसे अवैध दुकान में बिजली विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन भी दिया गया है क्या इनके लिए नगर पंचायत की अनापत्ति की जरूरत नहीं है और अगर है तो फिर नगर पंचायत किस नियम के तहता इनको अनापत्ति दिया है।
साहब दुकान को तो हाटा दीजिए
कन्या परिसर का एक टीचर ने नगर पंचायत अधिकारी से अपील करते हुए कहने लगा की सर हमारे घर के सामने का दुकान को तो हटवा दीजिए परेशानी हो रहा है, कन्या परिसर के टीचर ने बताया कि सीएमओ साहब का भी जवाब गजब का था कहने लगा लिखित में आवेदन दो। अधिकारियों को अवैध दुकान हटाने के लिए लिखित आवेदन चाहिए लेकिन दुकान लगवाते समय कोई आवेदन नहीं गांधी जी की जरूरत होती है। नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि 5-5 हजार रूपये दो और कहीं भी दुकान लगवा लो? अब तो नगर की दुकानदार भी सटर के बाहर के हिस्से को किराये पर चला रहे हैं, ये है धरमजयगढ़ साहब यहां कुछ भी असंभव नहीं है?



