Home छत्तीसगढ़ सत्ता से जुड़े नाम, अपराध की गूंज, बेलतरा में बढ़ता सियासी दबाव

सत्ता से जुड़े नाम, अपराध की गूंज, बेलतरा में बढ़ता सियासी दबाव

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जोहार छत्तीसगढ़-बेलतरा।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की जनता ने विकास के नाम पर वोट दिया था। लेकिन आज क्षेत्र की पहचान कुछ नेताओं की वजह से दागदार हो रही है। जब क्षेत्रीय विधायक और पदाधिकारी ही गंभीर आरोपों में घिर जाएं,तो सवाल सिर्फ व्यक्ति पर नहीं पूरी राजनीतिक संस्कृति पर उठता है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में यह बेहद गंभीर मामला है कि भारतीय जनता पार्टी के बेलतरा पूर्वी मंडल अध्यक्ष राजू सोनकर का नाम एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में सामने आया है जो बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के करीबी माने जाते हैं।

मंडल अध्यक्ष ने ही भाजपा के पार्षद बंधु मौर्य की दी थी सुपारी किलिंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकिशोर नगर वसंत विहार स्थित एक ज्वेलर्स संचालक पर हुए प्राणघातक हमले और लूटकांड की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बिलासा गुड़ी में पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी दी कि गिरोह केवल लूट और चोरी ही नहीं, बल्कि शहर के चर्चित सब्जी कारोबारी एवं नगर निगम के भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की कथित सुपारी किलिंग की साजिश में भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 25 लाख रुपये में सुपारी लेने की बात स्वीकार की है, जिसमें 6 लाख रुपये एडवांस के रूप में लिए गए थे।

अपराध पर चुप्पी क्यों ? विधायक जवाब दे!

इस मामले में कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपराध पर चुप्पी क्यों ? नेतृत्व जवाब क्यूं नहीं देता। बेलतरा विधानसभा में हालात गंभीर हैं। इस घटना से क्षेत्र कलंकित हुआ है। जिले में दहशत का माहौल है, व्यापारी डरे हुए हैं और जनता असमंजस में है। जब सत्ताधारी पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजू सोनकर ने ही भाजपा के वरिष्ठ नेता की हत्या की सुपारी देने जैसी साजिश रची। ऐसी स्थिति में सवाल सीधे तौर पर बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला से है,वे अब कहां हैं ? मंडल अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर ऐसे अपराधियों की नियुक्ति कौन कर रहा है,जब पुलिस मामले का उजागर किया तब भाजपा के कौन आला नेता है जिन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की,क्या उनके खुद के हाथ भी इस जमीन,डकैती और हत्या से जुड़े है अगर नहीं तो उनको संरक्षण कौन दे रहा है, यह भी जांच का विषय है और जब अपराध का नाम सत्ता से जुड़े लोगों तक पहुंच रहा हो, तब चुप्पी संदेह को और गहरा करती है।

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