जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
बेमेतरा जिले के कई ग्राम पंचायतों में अवैध लाल ईटों कि कारोबार फल फूल रहा है और अच्छी खासी काली कमाई की जा रही है। यह अवैध कारोबार व केवल खनिज विभाग और राजस्व विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली को दर्शाता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ नेता और अधिकारी अपने पद का जिम्मेदारी नही निभा पाते है दुरुपयोग करने में लग जाते है और अवैध गतिविधियों जैसे मुरुम को भी बढ़ावा दे रहे हैं। लाल ईटों और अवैध भंडार का बेमेतरा जिले में और कब तक चलेगा खुलेआम..?
जिला मुख्यालय से निकल कर देखो तो कई जगहों पर लाल ईट का अवैध भंडार देखा जा सकता है. जो खनिज विभाग और राजस्व विभाग कि सुस्त कार्य प्रणाली को दर्शाता है। और शुभचिंतक अधिकारियों ने अवैध ईट संचालको कों वरदान दिया जा तो नहीं रहा,जो इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में मदद करने में लगे तो नहीं..? यह अवैध भंडार स्थानीय लोगों के लिए खतरनाक है और बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। खनिज विभाग और राजस्व विभाग के जिम्मेदार पद पर बैठे जिले के चारों ब्लॉक के अधिकारियों इस अवैध भंडार को हटाने व कार्यवाही करने का आवश्यकता नहीं है क्या..? ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाया जा सके और पानी कि बचत कर ग्रामीणों का समस्याओं कों दूर कर सके, यह ध्यान में क्यों नहीं है।
अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में हमेशा ही विफल क्यों हो जाते हंै जिम्मेदार, ईट भट्टों के संचालको को खुली छुट तो नहीं दे रखा
कोयला आसानी से उपलब्ध कराने में माफिया सक्रिय रहते हैं जो इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में कौन मदद कर रहा हैं। जिम्मेदार अधिकारी अवैध कारोबार पर रोक क्यों नहीं लगा रहे। और अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही करने के बजाय चुप्पी साधे क्यों बैठे रहते है यह भी सुनिक्षित करने का आवश्कताओं है कि अवैध कारोबार व शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाया जाये और पानी समस्याओं कि बचत कर ग्रामीणों कि मांग जिनको पुरा किया जाये और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाया जाय।



