जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
चुनाव से पहले भाजपा दावा किया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार गरीबों के आवास उपलब्ध नहीं करवाया है, जिसके कारण केन्द्र से मिलने वाली राशि वापस हो गया। चुनाव के समय भाजपा अपनी घोषणा पत्र में वादा किया था कि चुनाव जीतते ही सबसे पहले गरीबों के 18 लाख आवास की स्वीकृति दी जायेगी। और चुनाव जीतने के बाद साय सरकार ने सबसे पहले प्रदेशवासियों को 18 लाख आवास की स्वीकृति दिया था। एक कार्यक्रम में सीएम साय ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में बोले थे कि अगर किसी प्रकार की आवास में भ्रष्टाचार हुआ तो उस जिले के कलेक्टर पर कार्यवाही होगा। लेकिन धरमजयगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम साय की चेतवानी कोई काम का नहीं साबित हो रहा है? धरमजयगढ़ विकास खण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है। अधूरे आवास का फर्जी जीओ टेक कर आवास पूर्ण बताया जा रहा है। आज हम बात करने जा रहे हैं जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत गोलाबुड़ा का इस पंचायत में सरपंच-सचिव और रोजगार सहायक की मिली भगत से पंचायत में जमकर शासकीय राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। ग्रामीणों को मूलभुत सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है।
रोजगार सहायक का गजब कारनामा, फर्जी फोटो ऑप लोड कर राशि का आहरण
गोलाबुड़ा पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक गुणासागर यादव सभी हितग्राहियों के आवास का ठेका अपने साथी से मिलकर लिया था और अधिकत्तर आवास आज के तारीख में अधूरा पड़ा हुआ है, रोजगार सहायक के इस भ्रष्टाचार के कारण आज गरीब ग्रामीण के सर पर छत नहीं है। मजेदार बात है कि रोजगार सहायक गुणासागर यादव द्वारा फर्जी जीओ टेक कर आवास की राशि भी आहरण कर लिया है। अब ग्रामीणों को घूमाया जा रहा है।
सीएम साय की चेतवानी का असर कब दिखेगा धरमजयगढ़ में
प्रधानमंत्री आवास में किसी प्रकार की कोई भ्रष्टाचार न हो इसके लिए सीएम साय ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी थी लेकिन इसके बाद भी साय सरकार को बदनाम करने में जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। गोलाबुड़ा पंचायत तो एक उदाहरण है भ्रष्टाचार का, ऐसे और भी कई पंचायत है जिसमें प्रधानमंत्री आवास में खुब भ्रष्टाचार हुआ है। ग्रामीण अब जानना चाहते हैं कि सीएम साहब के चेतवानी का असर धरमजयगढ़ में कब दिखेगा।



