Home छत्तीसगढ़ जमीन की बजार मूल्य में बेहताहशा वृद्धि अधिग्रहण पर आमर-रविन्द्र राय

जमीन की बजार मूल्य में बेहताहशा वृद्धि अधिग्रहण पर आमर-रविन्द्र राय

123
0

जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरेप्रदेश में शाहरी हो या ग्रामीण जमीनों की बाजार मूल्य में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी है। कांग्रेसी सरकार द्वारा 2018 के बाद बाजार मूल्य न बढ़ाते हुए बल्कि स्टाम्प शूल्क में &0 प्रतिशत कम कर दिया था। सास सरकार द्वारा पिछले माह में समस्त भूमियों की बाजार मूल्य बढऩे से क्षेत्र में आ रहे प्राइवेट कोलमोइस जिसका अधिग्राहण व भू-अर्जन नहीं लगा है उनको बड़ा असर पड़ेगा। धरमजयगढ़ ब्लॉक में पूर्व से कई सरकारी खदान चालू है तथा वर्तमान में कई खदाने चालू करना है। प्रभावित गांवों की भूमि पर भू-अर्जन लग चुका है। प्राइवेट कंपनी की मांइस पर यह प्रक्रिया अभी लागू नहीं हुआ है। ऐसे में प्राइवेट माईस में भूमि का अधिग्रहण करने व मुआवजा में खासी बढ़ोतरी होगी। भारी मुआवजा व परिसंपतियों का बाजार मूल्य की तुलना में खनिज संपदा का नो प्रोफिट नो लास की स्थिति में प्राइवेट मांइस बैक हो सकता है। तहसील धरमजयगढ़ के अंर्तगत धरमजयगढ़ धरमजयगढ़ कॉलानी, पिरपरमार, शाहपुर, दुर्गापुर, दुर्गापुर ग्राम, बायसी, बायसी कालोनी की भूमि स्वामी हक पर भू-अर्जन अंकित हो गया है। इनका अधिग्राहण के समय सरकार द्वारा प्रति एकड़ न्यूनतम 10 लाख रूपये निर्धारित कर रखा है। परियोजना 10 वर्ष पीछे होने के कारण धारा 11 (1) के दिनांक तक अधिग्राहित क्षेत्र की गणना व मुआवता का वितरण तक नियमों के तहत 12 प्रतिशत ब्याज सहित देना है। जिन परियोजना का अभी तक धारा 9 (1) क्लीयर नहीं हुआ है वह अधिग्रहण करने वाली क्षेत्र में सरकार द्वारा निर्णयानुसार बढ़स हुआ बाजार मूल्य देना होगा। सरकारी कंफी (एसईसीएल) के जिम्मेदार अधिका द्वारा स्पष्ट करते हुए कहा कि कंपनी धारा 11 (1) लगने के पश्चत शासन के नियमानुसार मुआवजा के निर्धारण होगा तथा विरोध के स्थिति में और 10 वर्ष पीछे अधिग्राहण होगा। कंपनी शासन के आदेश/निर्देश का परिपालन करते हुए आगे की कार्यवाही करेंगे। तथा लार एक्ट के नियमों के हवाला देते हुए बताया कि धारा 26 के अनुसार कलेक्टर द्वारा भूमि के बाजार मूल्य का अवधारणाम क, ख, ग, उल्लेखित भारतीय स्टॉफ अधिनियम 1899 में विनिदिष्ट बाजार मूल्य कोई हो तो व निकटवर्ती पड़ोसी क्षेत्र में स्थित उसी प्रकार की भूमि के औसत मूल्य प्राइवेट कंपनी के लिए भागीदारी परियोजना के लिए भूमि के अर्जन के मामले में धारा 2 की उपधाव (2) के अधीन करार पाए गए प्रतिकार की समस्त धनराशि जो भी अधिक हो बाजार मूल्य की अवधारणा की तारीख के धारा 11 अधीन अधिसूचना जारी की गई है के आधार पर मुआवजा निर्धारित होगा। स्पष्ट हो चुका है कि एसईसीएल द्वारा भूमि का मुआवजाा धारा 11 लगने पर बाजार मूल्य के गणना भारतीय स्टॉम्प अधिनियम के तहत होगा व जहां भूमिा का क्रय-विक्रय नहीं हुआ है वह सरकार द्वारा निर्धारित प्रति एकड 10 लाख रूपया न्यूतम होगा। चूंकि अधिग्रहण की कार्यवधि फरवरी 2016 में हो चुकी है जिस कारण सरकारी कंपनी के लिए सरकार द्वारा निर्धारित किए आए नए बाजार मूल्य इन पर लागु नहीं होगा। वही प्राइवेट कंपनी द्वारा जो अधिग्राहण की प्रोसेस में है उन पर नई गाइड लाइन के तहत भूमि का बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा निर्धारित होगा। प्रभावित क्षेत्र के किसानों को ठोस निर्णय लेना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here