अधिकारियों के निष्क्रिता से धान कोचिया सक्रिय होकर कर रहा परिवहन…बेरला ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी नींद में…तहसीलदार और एसडीएम को फोन उठाने से इतना डर क्यों..? जिम्मेदारों के जिम्मेदारी पर उठ रहे सवाल…आखिर कब होगा सुधार
जोहार छत्तीसगढ़ – बेमेतरा।
बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के बेरला ब्लॉक के अधिकारियों की निष्क्रियता से अवैध धान सेवा सहकारी समिति में हो रही खरीदी, परिवहन भी हो रहा जमकर जिम्मेदार कोचियों की धान पकड़ने में डरते तो नही या बंद लिफाफे में हाथ बंधे तो नही है..? यह जांच का विषय आपको बता दूं कि यह पूरा वाक्य बेरला मुख्यालय से लगभग महज 5 से 8 किलोमीटर
कि दूरी पर स्थित सोड गांव के मुख्य मार्ग जो कोदवा की ओर जाता है वहां खुले आम व्यापारिक की धान समिति में खपाने के लिए एक पिकअप एवं ट्रैक्टर पर लोड होकर की खड़ी हुई है । और एक छोटा वाहन में भरे धान के चालक कों पूछने पर बताया गया कि सोसायटी जायेगा यह धान लेकिन विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को सूचना देने के बावजूद भी आने के बजाय निष्क्रियता दिखा रहे हैं कई तो फोन ही रिसीव नहीं कर रहे हैं अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह तो बंद लिफाफे पर बिक तो नही गए हैं या कार्यवाही करने से डरते हैं बेरला विकासखण्ड के जिम्मेदार अधिकारी कि जिम्मेदारी की चुप्पी उठ रहे सवाल…अवैध धान परिवहन और बिक्री पर रोक नहीं लग पा रहे हैं नतीजन भैय और भ्रष्टाचार बढ़ते जा रहा है विभागीय अधिकारी कों सूचना मिलने के बावजूद भी मौके पर नही पहुँचते और फोन रिसीव नहीं करते हैं और मौके पर पहुंचने से डरते तो नही है..? क्योंकि मौके पर पहुंचने पर कार्यवाही करनी पड़ेगी और वह अधिकारी जिम्मेदार नहीं चाहते कि उक्त कोचियों की ऊपर कार्यवाही हो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस कदर विभागीय अधिकारी कर्मचारी कोच्चियों के साथ में मिली भगत का खेल करने में तो नही लगे है..? यह हम नहीं बल्कि उनका रवैया इस बात को स्पष्ट कर रहा है कि किस तरीके से लेनदेन करके पूरी मामले को निपटाने में लगे रहते हैं ऐसे गैर जिम्मेदार आला अधिकारी कर्मचारियों पर हि कार्यवाही होनी चाहिए ताकि अपने कर्तव्यों को एक कदम आगे चलकर कार्य करें और प्रदेश सरकार की छवि को बचाने के लिए सक्रिय होकर के कार्य करें ।



