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सरपंच-सचिव के भ्रष्टाचार से ग्रामीण परेशान, विकास कार्य सिर्फ कागजों पर… बिना निर्माण करवाये राशि का कर लिया बंदरबांट?

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अलोला में सरपंच-सचिव द्वारा शासकीय राशि का बंदरबांट करने का मामला समाने आया है। अलोला पंचायत को विकास कार्य के लिए शासन द्वारा भरपूर राशि उपलब्ध कराया गया है, ताकि ग्रामीणों को अच्छी सड़क, नाली, मूलभूत सुविधा मिले, लेकिन सरपंच-सचिव द्वारा शासकीय राशि को अपना बपौैती समझकर बंदरबांट कर लिया गया है। अलोला गांव के नाका मुहल्ले में लाखों रूपये खर्चकर सीसी रोड का निर्माण किया गया है जिस सीसी रोड का निर्माण किया गया है उसके बगल से नाली निर्माण होना था 15 वें वित्त से, पंचायत को नाका मुहल्ला में नाली निर्माण के लिए 15 वें वित्त पंचायत से 1,85,403 रूपये एवं 15 वें वित्त जनपद पंचायत से 1 लाख 50 हजार रूपये जारी हुआ। इतने रूपये जारी होने के बाद भी सरपंच-सचिव द्वारा नाका मुहल्ले में एक नाली का निर्माण नहीं किया गया और शासकीय राशि आहरण कर लिया गया है। उप सरपंच पति ने बताया कि मेरे द्वारा रेशम मुहल्ले से बोरिंग तक नाली निर्माण किया गया है जिसका खर्चा मात्र 40 हजार हुआ है लेकिन सरपंच सचिव द्वारा नाली के नाम पर 1 लाख 80 हजार 362 रूपये आहरण कर लिया है। जो नाली रेशम मुहल्ले से बोरिंग तक किया गया है उसकी स्थिति देखने से ही पता चल रहा है कि निर्माण कार्य में किस पैमाने में भ्रष्टाचार किया है सरपंच-सचिव ने। तो वहीं 15 वे वित्त जनपद पंचायत की राशि 1 लाख 50 हजार से मुख्य सड़क से बोरिंग तक नाली निर्माण करना था लेकिन 40 प्रतिशत राशि आहरण करने के बाद भी नाली निर्माण शुरू नहीं किया है। इस संबंध में सब इंजीनियर डनसेना से बात करने पर बताया कि सरपंच-सचिव द्वारा कोई नाली निर्माण नहीं किया और 40 प्रतिशत राशि आहरण भी कर लिया गया है। और सरपंच-सचिव द्वारा बिना काम करवाये ही दबाव बना रहे हैं कि काम का मुल्यांकन कर दे। मेरे द्वारा गलत मुल्यांकन नहीं करने पर मेरा शिकायत भी कर रहे हैं।

सामुदायिक शौचालय मुहल्ले का शोभा बड़ा रहे

नाका मुहल्ले में लाखों खर्च कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया है, सामुदायिक शौचालय सिर्फ मुहल्ले का शोभा बड़ा रहे हैं। सरपंच-सचिव द्वारा बनाया गया शौचालय में चार दीवार और दरवाजा के सिवाये और कुछ नहीं है। चार दीवार बनाकर पुरी की पुरी राशि आहरण कर लिया है। मजेदार बात है कि
सरपंच-सचिव द्वारा एक निजी भूमि में शासकीय शौचालय बनाया है, ग्रामीणों ने बताया कि अब जमीन मालिक द्वारा शौचालय में शटर लगाकर दुकान बना रहे हैं।

उचित जांच पर होगा भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा?

ग्राम पंचायत आलोला में हुए निर्माण कार्य की अगर उचित जांच की जाये तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है, इस पंचायत में मनरेगा और आवास में भी खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अब देखना है कि अलोला पंचायत में शासकीय राशि का बंदरबांट करने वालों पर क्या कार्यवाही होता है?

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