जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ नगर को बेजा कब्जा के नाम से जाना जाता है, क्योंकि एक समय जिले भर में सबसे अधिक शासकीय भूमि धरमजयगढ़ में था, बेजा कब्जाधारियों के कारण आज शासकीय भूमि खतम हो गया है। नगर को सुंदर बना रखने का काम नगर पंचायत का होता है, लेकिन विडंबना है कि जिनको नगर को सुदर बनाकर रखना है ओ ही नगर की सुंदरता को खतम करने में तुला हुआ है। नगर पंचायत साप्ताहिक बाजार को भी सही तरीके से लगवाने में असफल नजर आ रहा है। बाजार में लाखों रूपये खर्च कर शेड निर्माण करवाया गया है शेड में बाजार नहीं लगने के कारण शेड पूरी तरह खराब हो रहा है, बाजार के दिन दुकानदार बाजार में दुकान न लगाकर सड़क में दुकान लगाते हैं और नगर पंचायत चुप चाफ तमाशा देखते हैं, दुकानदार सड़क में ही नहीं नगर पंचायत कार्यालय के गेट के सामने भी दुकान लगा देते हैै जिससे नगर पंचायत कार्यालय जाने के लिए लोगों को भारी मशक्कत करना पड़ता है।
नाली पर बेजा कब्जा कर लगा रहा नास्ते का ठेला
विडंबना देखिए कि नगर पंचायत कार्यालय गेट के ठीक बगल में नाली के उपर नास्ते का ठेला लगवा दिया नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी। क्या नगर पंचायत के अधिकार-कर्मचारियों को दिखाई नहीं दे रहा है कि नाली को पाट कर ठेला लगा रहे हैं? क्या गंदगी वाली नाली के उपर खाने पीने का ठेला से लोग जब नास्ता करेंगे तो क्या बीमार नहीं पड़ेंगे? नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों को चाहिए की तत्काल नाली पर बेजा कब्जा कर ठेला लगाने वाले पर कड़ी कार्यवाही करते हुए ठेला को जप्त कर बेजा कब्जा से मुक्त करना चाहिए। अब देखना है कि समाचार के बाद नगर पंचायत अधिकारी क्या कार्यवाही करता है।
बस स्टैण्ड में करोड़ों की शासकीय भूमि पर कब्जा कर बन गया अलीशान भवन
कोई अगर अपने खुद की जमीन पर बिना अनुमति के निर्माण करते हैं तो नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी ऐसे मुस्तैदी के साथ नोटिस लेकर पहुंच जाते हैं जैसे निर्माणकर्ता कोई बहुत बड़ा जुर्म कर लिया हो। लेकिन नगर की ह्दय स्थल कहे जाने वाला बस स्टैण्ड में एक व्यापारी द्वारा बिना अनुमति के करोड़ों रूपये के शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर भवन निर्माण कर ले रहा है। और नगर पंचायत के मुस्तैदी वाली कर्मचारी ऐसे चश्मा पहन लिए हैं कि इनको बस स्टैण्ड में हो रहे निर्माण दिखाई दे ही नहीं रहा है। आप खुद समझदार है समझ सकते हैं कि नगर पंचायत में बैंठे अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि को नगर की ह्दय स्थल पर हो रहे बेजा कब्जा क्यों दिखाई नहीं दे रहा है।



