जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
यूरिया की कालाबाजरी की खबरे आये दिन समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रही है, शासकीय यूरिया किसानों को मिल नहीं है, तो वहीं दुकानदार किसानों को यूरिया के नाम पर लूट मचा रखी है। खाद दुकानदारों पर कृषि विभाग के अधिकारियों का कोई पकड़ नहीं है, जिसके कारण दुकानदार किसानों को खाद अनाप-शनप दामों में बेच रहा है, दुकानदारों का शिकायत करने पर भी धरमजयगढ़ कृषि विभाग में बैंठे अधिकारी-कर्मचारी दुकानदारों पर कार्यवाही नहीं करते हैं। नीचेपारा गांधी कृषि केन्द्र के संचालक द्वारा महंगे दामों में यूरिया बेचने की शिकायत लेकर कृषक कृषि ऑफिस पहुंचे थे, लेकिन किसानो के शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई, किसानों ने खाद दुकानदारों की शिकायत लेकर भाजपा नेताओं के चौखट में दौड़ लगा रहे हैं, ताकि उचित दाम पर यूरिया मिल सके? किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष टीकाराम पटेल के पास कई किसान पहुंचकर गांधी कृषि केन्द्र की शिकायत की है, टीकाराम पटेल ने कृषि ऑफिस के अधिकारी को फोनकर दुकानदार पर कार्यवाही और कृषकों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध करवाने की बात की है। लेकिन भाजपा नेता का फोन का असर भी कृषि ऑफिस के अधिकारियों पर नहीं पड़ा। तो वहीं भाजपा के ही एक मंडल अध्यक्ष ने अपने ही सरकार पर किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण सोशल मीडिया में पोस्ट कर नाराजी जाहिर कर है। बाकारूमा मंडल के अध्यक्ष दशरथ राठिया ने अपने सोशल मीडिया लिखा है कि अजीब विडंबना है, पूरे साला अंग्रेजी शराब ठेके में मिलती है कभी खतम नहीं होती, पर साल में किसानों को दो बार मिलने वाली यूरिया और डीएपी खतम हो जाती है। अब देखना है कि भाजपा नेताओं की नारागी का असर कृषि विभाग के अधिकारियों पर कितना पड़ता है या फिर अधिकारी और दुकानदारो की जुगलबंदी का मार किसान झेलता रहेगा ये तो समय पर ही पता चलेगा।



