जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
साय सरकार की सुशासन पर भ्रष्टाचार बेलगाम होते नजर आ रही है कहीं स्वास्थ्य सुविधा की बेहाल वीडियो तो कहीं शिक्षा विभाग में नौनिहाल छोटे-छोटे स्कुली बच्चों से ट्रांसफार्मर लगवाते समय डोर खिंचवाना और शिक्षक शिक्षिकाओं के जुठे टिफिन साफ करवाने तथा किताब कलम के जगह नन्हे हाथों में झाडू लगवाने जैसे अनेकों मामले आम बात हो गई है। क्या साय सरकार के सरकारी कर्मचारियों की हकीकत आम नागरिकों के सामने नहीं दिखाने के लिए पत्रकारों की स्वतंत्रता व निष्पक्षता को बंदिश लगाना कहीं ना कहीं नामामियो को छुपाने का काम तो नहीं ऐ हमको इस लिए कहना पड़ रहा है क्योंकि सरकारी दफ्तरों की हकीकत उजागर ना हो जाए जिससे प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था जनता के सामने उजागर ना हो जाए सरकारी दफ्तरों एवं कार्यालयों पर मीडिया प्रेस को प्रतिबंधित करना एवं समय सारणी प्रतिबद्ध करना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को इंगित कर रहा है जिनके उजागर के डर से मीडिया प्रेस को प्रतिबंधित किया जा रहा है। क्यों पत्रकार स्वतंत्र वह निष्पक्ष पत्रकारिता पर प्रहार कर रही है यह हम नहीं बल्कि सरकारी दफ्तरों के कार्यालयों पर चिपकाए गए।



