जोहार छत्तीसगढ़ – बेमेतरा।
बेमेतरा जिला न्यायालय के ठिक सामने में स्टांप पेपर विक्रेताओं की मनमानी से आमजन परेशान हैं। स्टांप पेपर विक्रेता को सरकार पहले से ही कमीशन देती है। इसके बावजूद वे 10 रुपये का स्टांप पेपर 20 से 30 रुपये में बेचकर ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं अधिकारी अनजान बने हुए हैं। सरकार ने स्टांप पेपर को ऑनलाइन कर दिया। अब यदि किसी को रजिस्ट्री या बैनामे के लिए स्टांप पेपर लेना होता है तो सीधे ऑनलाइन सरकारी खजाने से ई-स्टांप पेपर खरीद लेते हैं। शपथ पत्र, किरायानामा अथवा वसीयत लिखने के लिए 10 से 100 रुपये तक स्टांप पेपर खरीदने पड़ते हैं। इन स्टांप पेपर को स्टांप विक्रेता दोगुना से तीन गुना रेट पर बेच रहे हैं। वहीं बेमेतरा जिले के चारों ब्लांको में स्टाम्प विक्रेताओं की मनमानी चरम सीमा को लांघती जा रही है। आम आदमी जन्म प्रमाण पत्र के लिए एक शपथ पत्र बनवाने जिला या ब्लॉक मुख्यालय आते हैं जहां उनको स्टाम्प वेंडरों के द्वारा अधिक शुल्क लिया जाता है। साथ ही इकरारनामा एवं अन्य मसलों को लेकर स्टाम्प खरीदना है तो उसी के पास लिखवाएंगे तभी आपको स्टाम्प देंगे ऐसी बाध्यता आम नागरिकों को खुले आम लुटने वालों पर आखिर कार विभागीय अधिकारियों की कब आंख खुलेगी यह गम्भीर विषय है।
शपथ पत्र के लिए 10 रुपये के स्टांप पेपर की आवश्यकता थी, लेकिन स्टांप पेपर विक्रेता ने 10 रुपये के स्टांप के 20 रुपये की मांग किया, जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय पर स्थित विभागीय अधिकारियों के जिम्मेदार पदों पर बैठे प्रशासनिक अधिकारी आखिर कार आम जनता के लिए कब सोचेंगे स्टांप पेपर विक्रेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता। यही कारण है कि स्टांप पेपर विक्रेताओं मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्टांप पेपर विक्रेताओं लगातार बढ़ रही मनमानी
बेमेतरा जिले में स्टांप विक्रेताओं द्वारा अधिक दाम पर स्टाम्प बेचने की शिकायत सामने आई है। मिडिया मित्रों की शिकायत पर सोमवार को जिला पंजीयक शांतू लाल नेताम को मिडिया मित्रों ने जिला तहसील कोर्ट के बाहर खुले आम आम नागरिकों को स्टाम्प के नाम पर खुले आम नागरिकों को स्टाम्प के नाम पर 10 को 20 और 50 को कभी 80 तो कभी 100 लिया जा रहा है। सीधी बात ऐ है की स्टांप विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। जिनका खामियाजा आम मजदूर और गरीबों को भुगतना पड़ रहा है।
50 रुपए का स्टांप को 80 रुपए में बेचा जा रहा है। मिडिया मित्र उमाशंकर दिवाकर ने बताया कि कुछ स्टांप विक्रेता नोटरी और वकीलों के कार्य भी कर रहे हैं।
उप पंजीयक के निरीक्षण कर उचित कार्यवाही करने की बात कही है वहीं स्टांप विक्रेता मौके पर स्टाम्प पेपर की शुल्क और मात्रा लिखकर चस्पा करवाने की बात कही है। उप पंजीयक ने कहा कि वे जल्द ही विक्रेताओं को लिखित में निर्देश भेजकर समझाइश देने का आश्वासन जिला पंजीयक ने दी है।
आम नागरिकों को जिला पंजीयक का सुझाव
यदि आप स्टांप पेपर खरीदने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करते हैं, तो आप संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं या स्टांप पेपर खरीदने के लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं संबंधित जानकारी
स्टांप विक्रेताओं को “लोक सेवक” माना जाता है क्योंकि वे सार्वजनिक कर्तव्य निभाते हैं और सरकार से पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है,स्टांप विक्रेताओं को उनके द्वारा बेचे गए स्टांप के अंकित मूल्य के आधार पर कमीशन मिलने की बात भी कही है।
शांतू लाल नेताम, जिला पंजीयक बेमेतरा



