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नगर की व्यवस्था सुधारना छोड़ कंपनी का पेड़ काटने में मस्त नगर पंचायत के कर्मचारी… सरकारी मशिनों का हो रहा दुरूपयोग, शासन के खाते में नहीं हो रहा राशि जमा?

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

शासन हर प्रकार की सुविधा नगर पंचायत को उपलब्ध करवाया जाता है ताकि नगर वासियों को मूलभूत सुविधा मिले। धरमजयगढ़ नगर पंचायत को भी कई प्रकार की गाडिय़ा शासन ने उपलब्ध करवाया है, लेकिन शासन से मिले वाहनों से नगर वासियों को लाभ कम अधिकारी-कर्मचारी को अधिक लाभ मिल रहा है, आप लोगों को सूनकर अचंभीत लग रहा होगा की ऐसा कैसा हो सकता है शासन नगरवासियों की सुविधा के लिए गाडिय़ा दिया है तो फिर अधिकारी-कर्मचारियों को लाभ क्यों होगा। नगर पंचायत में एक स्काईलिफ्टर मशीन है जो नगर की बिजली समस्या को दूर करने मेें काम आता है, लेकिन अधिकारी नगर की बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के बजाए प्राईवेट कंपनी के काम अधिक कर रहे हैं, ऐसा करके अधिकरी अपना फायदा देख रहा है।

नगर में अंधेरा, नगर की बिजली मिस्त्री मलका का पेड़ काटने में मस्त

नगर पंचायत द्वारा नगर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए मिस्त्री रखा है ताकि नगर की बिजली समस्या दूर करने में मदद मिले लेकिन इन दिनों ये लोग नगर की बिजली व्यवस्था सुधारने बजाए मलका कंपनी द्वारा बिछाये जाने वाले बिजली पोल क लिए पेड़ काटने में व्यास्थ हो गये हैं, दिन दिन भर प्राईवेट कंपनी के काम में लगे मशीन एवं नगर पंचायत के कर्मचारियों को इससे क्या फायदा हो रहा है ये तो नगर पंचायत अधिकारी ही बता पायेंगे। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नगर पंचायत में किसी भी प्रकार का कोई रसीद नहीं काटा गय है। ऐसा ही हाल जेसीबी मशीन का है मशीन हर दिन कहां काम करने जाता है किसी को नहीं मालूम और न ही इसका भी रसीद काटा जाता है दिन भर काम करने के बाद मशीन शाम को अपने जगह में खड़ा हो जाता है। जब नगर पंचायत में जेशीबी मशीन आया था तो तात्कालीन सीएसमओ रामयण पाण्डे एवं परिषद ने निर्णाया लिया था कि नगर पंचायत की कोई भी मशीन अगर प्राईवेट काम करने जायेंगे तो घंटे के हिसाब से पहले नगर पंचायत में राशि जमा कर रसीद प्राप्त करेंगे उसके बाद ही जिस मशीन का राशि जमा होगा ओ मशीन काम करने के लिए जायेंगे। जितना राशि जमा होगा उतने का ही काम करेगा अगर उतने समय में काम पूरा नहीं होगा तो फिर से राशि जमा कर रसीद लेेने के बाद ही मशीन काम करेगा लेकिन यहा नियम नगर पंचायत में अब नहीं है। जो चाहे मशीन ले जाये नगर पंचायत में राशि जमा करने की जरूरत नहीं है। कितना लगेगा ये साहब बतायेंगे और उनके कर्मचारी उतना लाकर अधिकारी को दे देंगे ये हाल है नगर पंचायत का।

सब जनते हुए भी परिषद चुप क्यों हैं?

मजेदार बात है कि ये सब की जानकारी नगर परिषद को होने के बाद भी पक्ष विपक्ष चुप क्यों बैंठे हैं ये सबसे बड़ा सवाल है? नगर की विकास करना नगर परिषद का काम होता है, नगर की व्यवस्था पर नगर परिषद का कोई ध्यान नहीं है। सब अपने अपने में मस्त है जिसका नतीजा है कि नगर वासियों को मूलभूत सुविधा सही तरीके से नहीं मिल रहा है, लोगों के घरों में सही तरीके से पानी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। थोड़ा सा पानी गिरने से नगर की हर सड़क में नाली का गंदा पानी बहने लगता है। ये सब से जनप्रतिनिधियों को कोई मतलब नहीं है। इनको तो बस अपने मतलब से मतलब है।

बस स्टैण्ड को अवैध कब्जा करने में मस्त अधिकारी-जनप्रतिनिधि?

गर्मी के दिनों में गन्ना रस लगाने के लिए नगर पंचायत रूपये लेकर लोगों को दुकान लगाने के लिए जगह उपलब्ध करवाया था, गन्ना रस की दुकान बंद हुई महिनों हो गया है लेकिन दुकानदार अपना समान तो ले गये लेकिन प्लाटिक से बनये दुकान को खाली नहीं कर रहे हैंं। इस पर नगर पंचायत अधिकारी-जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है ऐसा करके नगर में बेजा कब्जा करने वालों का मनोबल बड़ा रहे ये लोग। सबसे बड़ा बात है कि इन दुकानदारों से लिया गया राशि भी नगर पंचायत में जमा हुआ है कि नहीं ये जांच का विषय है? नगर पंचायत अध्यक्ष एवं नगर परिषद को इसकी जांच करवाना चाहिए ताकि लोगों को पता चले इसकी सच्चाई क्या है?

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