जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
आये दिन अखबारों की सुर्खियां बनते दिखाई देता है कि बड़े-बड़े अधिकाकरी-कर्मचारी, दलालों के साथ मिलकर शासन को मुआवाजा के नाम पर लाखों करोड़ों का चूना लगाया है, मुआवाजा घोटाले में कईओं पर कार्यवाही भी हुआ है। धरमजयगढ़ से गुजरने वाली भारतमाला सड़क में भी मुआवाजा घोटाले की खबरे सुनने को मिल रहा है। वर्तमान मेंंं भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे सड़क का 7 किलोमीटर सड़क परिवर्तित हुआ है, नय सड़क का सर्वें की खबर लगते ही किसानों ने अधिक मुआवाजा पाने के चक्कर में अपने खेत में शेड निर्माण करना शुरू कर दिया है। खेत में देखा जाये तो कई कई एकड़ में शेड का निर्माण किसानों द्वारा कर दिया गया है। किसानों ने शेड निर्माण कृषि भूमि का बिना परिवर्तित किए ही निर्माण किया है। एसडीएम धरमजयगढ़ ने अखबारों में प्रकाशित समाचार को संज्ञान में लेते हुए किसानों को नोटिस जारी किया गया है, नोटिस में उल्लेख किया है कि जांच करने पर पाया कि कृषि भूमि में शेड निर्माण हो चुका है और शेड निर्माण कराया जा रहा है। भारतमाला परियोजना हेतु प्रस्तावित मार्ग हेतु भूमि को चिन्हाकिंत कर प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है। प्रस्ताव के बाद कृषि भूमि अधिक मुआवजा प्राप्त करने के लालसावश अवैध रूप से शेडों का निर्माण किया जा रहा है जो भू-अर्जन पुनर्वास एवं उचित प्रतिकार नियम के सर्वथा विपरीत है। आपके द्वारा निर्माण किया गया शेड कृषि भूमि पर स्थित है। कृषि भूमि का उपयोग गैरकृषि हेतु उपयोग, सक्षम प्राधिकारी के बगैर अनुमति किया जा रहा है जो विधिविरुध्द है। अर्जन हेतु भूमि का प्रकाशनोपरान्त अवैध निर्मित परिसम्पत्तियों का मुआवजा शासन द्वारा प्रदाय नहीं किया जाता है। किसान जब अपने ही खेत में शेड का निर्माण कर रहे हैं तो अधिकारी किसानों को अधिक मुआवाजा देना पड़ेगा, और शासन को राजस्व क्षति न हो इसके लिए किसानों को नोटिस जारी किया जा रहा है। अधिकारी द्वारा ऐसा करने से शासन का करोड़ों रूपये की राजस्व क्षति होने से बच रहा है? लेकिन यही अधिकारी के पास नगर के करोड़ों रूपये की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत करने पर अधिकारी द्वारा अवैध कब्जाधारियों को नोटिस तक जारी नहीं किया जाता है। फिर आप समझ ही सकते हंै कि ये अधिकारी छोटे-छोटे किसानों को ही परेशान करने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। क्योंकि शासन द्वारा अभी तक जिस भूमि पर शेड निर्माण हुआ है उस भूमि के लिए अधिसूचना जारी ही नहीं किया गया है। नगर की चारों ओर की मुख्य सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है आये दिन अखबारों की सुर्खियां बन रहा है लेकिन धरमजयगढ़ के अधिकारियों को दिखाई ही नहीं दे रहा है, आखिर दिखाई नहीं देने का राज क्या है? धरमजयगढ़ कॉलानी में स्थित खाद्य गोदाम के पास का खाद्य गोदाम की एक दीवाल के साथ अवैध रूप से बेजा कब्जा करते हुए मकान बना लिया है इसकी भी जानकारी राजस्व अधिकारी को देने के बाद भी अधिकारी द्वारा कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। किसानों द्वारा कृषि भूमि पर बैगर अनुमति के शेड निर्माण करने की खबर लगने पर अधिकारियों द्वारा जांच करवाया गया है ठीक उसी तरह अधिकारियों को नगर में हो रहे अवैध बेजा कब्जाधारियों की भी जांच कर नोटिस जारी करना चाहिए।



