जोहार छत्तीसगढ़-लैलूंगा।
रायगढ़ जिले के लैलूंगा में कई दिनों से पत्रकार और पटवारी के बीच घमाशान मच रखा है। समाचार प्रकाशन को लेकर पत्रकार को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पत्रकार चन्द्रशेखर जायसवाल ने पुलिस थाना में लिखित आवेदन देकर निवेदन किया है कि मैं एक पत्रकार हूं साथ ही प्रेस क्लब लैलूंगा का अध्यक्ष हूं। मैंने पटवारी संगीता गुप्ता से संबंधित समाचार प्रकाशित किया था। जिससे नाराज होकर 5 लोगों द्वारा फोन के माध्यम से धमकाते हुए दबाब बनाया जा रहा है कि संगिता के खिलाफ कोई समाचार प्रकाशित मत करो कितना पैसा चाहिए ले लो नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा। जब मैंने मना किया तो कॉल करने वाले व्यक्ति ने मुझे अश्लील गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसी नंबर से कुल पांच लोग अलग-अलग लोगों ने बारी-बारी से बात कर अपना नाम बताते हुए गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। पत्रकार चन्द्रशेखन ने पटवारी संजय भगत, योगेन्द्र सोनवानी, राजेश शर्मा, शत्रुघन भगत एवं राहुल सारथी के नाम पर पुलिस थाना लैलूंगा में आवेदन देकर कार्यवाही करने की मांग की है।
पटवारी ने किया पत्रकार के खिलाफ थाने में शिकायत
पत्रकार चन्द्रशेखर के खिलाफ पटवारी संजय भगत एवं उनके साथी ने लैलूंगा थाने में आवेदन देकर मांग किया है कि हमारे द्वारा किसी भी पत्रकार को कोई धमकी नहीं दिया गया है बल्कि कथिक पत्रकार चन्द्रशेखर द्वारा हमारे खिलाफ झूठी शिकायत लैलूंगा थाना में किया है। कथित पत्रकार द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि पैंसा दो मैं केश वापस ले लूंगा ऐसा करने से हम लोग मानसिक रूप से प्रताडि़त हो रहे हैं। आगे अपने आवेदन में लिखा है कि चन्द्रशेखर जायसवाल द्वारा जान से मारने की लिखित शिकायत खम्हार निवासी योगेंद्र सोनवानी का नाम में किया गया है जिसकी विगत 2 वर्ष पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है। मृतक के परिवारों को इसकी जानकारी मिलने से मृतक परिवार के लोग आहत हुई है। पत्रकारिता का धौंस दिखाकर झूठी शिकायत, ब्लैकमेलिंग करने वाले कथित पत्रकार के खिलाफ कार्यवाही मांग किया है।
लोगों के मन में उठ रहे कई सवाल?
क्या एक पत्रकार किसी पर क्यों झूठी शिकायत करेगा? क्या पटवारी संगीता गुप्ता के खिलाफ समाचार लिखना पत्रकारों के लिए मना है? क्या लैलूंगा में पत्रकार भ्रष्टाचार का समाचार प्रकाशित नहीं कर सकता? ऐसे कई सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं।
मृत व्यक्ति कैसे दिया जान से मारने की धमकी
अब सवाल उठता है कि समाचार छापने पर पत्रकार को धमकी देने वाले में एक मृतक कैसे शामिल हो गया है। कोई मृत व्यक्ति किसी को फोन के माध्यम से कैसे धमकी देगा की समाचार छापना बंद करो नहीं तो जान से मार दिए जाओगे। शिकायत में मृतक का नाम आने से लोगों के मन में सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं की पत्रकार लोगों को फंसाने के लिए ऐसा कर रहा है। यह तो पुलिस जांच में ही सामने आयेगा कौन झूठ बोल रहा है।
पुलिस जांच कर करें कड़ी कार्यवाही
पत्रकार और पटवारी द्वारा एक दूसरे पर लगाये जा रहे आरोप पुलिस को गंभीरता से लेना चाहिए और जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि समाज में एक अच्छा संदेश जा सके। क्योंकि पत्रकार समाज का एक आईना होता है। तो दूसरी ओर एक शासकीय कर्मचारी पर आरोप लगा है, इसलिए मामला गंभीर है, लोगों का मांग है कि पुलिस उचित जांच कर लोगों को बताए कौन गलत कौन सही, गलत पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें। अब देखना है कि पुलिस लोगों के मांग अनुरूप काम करती है या नहीं?



