जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
लोग इसलिए अपना प्रतिनिधि चुनते हैं ताकि उसकी बात उपर तक जाए एवं नगर कि विकास सही तरीके से हो सके। लेकिल विडंबना देखिए जिनको हम अपना प्रतिनिधि चूने हैं वहीं अब नगर की पूरानी धरोहर को मिटाने में जूटे हैं? मुहल्लेवासियों की लाख कोशिश के बाद भी नगर पंचायत अधिकारी और नगर परिषद कुछ भी करने को तैयार नहीं है। कुछ मालदार पार्टी को अपनी मनमानी करने की छूट दे रखा है कुछ भी करने को? नगर पंचायत धरमजयगढ़ का वार्ड क्रमांक 7 का एक शासकीय कुआं को अवैध तरीके से पाट देने का मामला सामने आया था, इसकी शिकायत कुछ मुहल्लेवासियों ने नगर पंचायत अधिकारी के पास करने के बाद नगर पंचायत अधिकारी भरत लाल साहू नगर पंचायत के कर्मचारी एवं अध्यक्ष के साथ मौके पर जाकर देखा तो पाया की शासकीय कुआ को पूरी तरह रेत डालकर बंद कर दिया गया है। लेकिन नगर पंचायत अधिकारी मौके से आकर क्यों चूप बैठ गये ये तो सिर्फ नगर पंचायत अधिकारी ही बता सकते हैं। मुहल्लेवासियों का आरोप है कि शासकीय कुआं को जिसने पाटा है वहा मालदार पार्टी है जिसके कारण नगर परिषद एवं अधिकारियों को मोटी रकम मिला होगा जिसके कारण ही शासकीय कुआं पाटने वाले को इनके द्वारा छूट दे दिया गया है कब्जा करने को?
कलेक्टर से होगा शिकायत
लोगों ने बताया कि नगर परिषद और नगर पंचायत अधिकारी के पास इस मामले की शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। इसलिए अब नगर पंचायत अधिकारी और शासकीय कुआं पाटने वालों के खिलाफ शिकायत कलेक्टर एवं वित्तृ मंत्री ओपी चौधरी के पास करेंगे।
नगर में बेलगाम हो रहा बेजा कब्जाधारी
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बदलते ही धरमजयगढ़ में बेजा कब्जाधारी बेलगाम हो गया है, जबकि पूरे प्रदेश में बेजा कब्जाधारियों के अवैध कब्जा पर बुलडोजर चलाया जा रहा है भाजपा सरकार द्वारा। ठीक धरमजयगढ़ में बुलडोजर कार्यवाही का उल्टा चल रहा है। यहां तो हर दिन शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा हो रहा है और नगर की राजस्व विभाग और नगर पंचायत चूप चाप तमाशा देख रहे हैं। और नजूल अधिकारी के पास इसकी शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं। बल्कि शिकायतकर्ता के पास ही उल्टा सवाल करना शुरू कर देते हैं। नजूल अधिकारी के पास ऐसा ही एक धरमजयगढ़ कालोनी खाद्य गोदाम के पास आवैध कब्जा की शिकायत किया गया है लगभग दो माह हो गया है लेकिन अधिकारी द्वारा इस शिकायत पर अभी तक कोई कार्यवाही ही नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता नजूल अधिकारी से भी मिल चूके हैं इसके बाद भी इस पर कोई कार्यवाही अखिर क्यों नहीं कर रहे अधिकारी यहा समझ से परे हैं। तो वहीं नगर के चारों ओर मुख्य मार्ग के किनारे की शासकीय भूमि को पूरी तरह बेजा कब्जा कर लिया जा रहा है इसपर भी अधिकारी-कर्मचारी मौन धारन कर बैंठै हैं।



