जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
पहलगाम हमला के बाद से शासन-प्रशासन घूसपैंठियों की खोज खबर लेना शुरू कर दिया है। आये दिन समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बन रहे हैं कि बंग्लादेशी घूसपैठी पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने तो बंग्लादेशी घूसपैंठियों को किराये पर मकान देने पर मकान मालिक को भी गिरफ्तार कर रहे हैं लेकिन विडंबना देखिए कि धरमजयगढ़ में सैकड़ों की संख्या में बंग्लादेशी घूसपैंठ की खबर होने के बाद भी इन पर कार्यवाही नहीं हो रहा है।
दुर्ग पुलिस ने भेजा एक बंग्लादेशी महिला को जेल
घूसपैठियों की पुलिस अच्छी तरह खोज खबर ले रही है, दुर्ग पुलिस ने एक बंग्लादेशी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है बताया जा रहा है कि महिला दो साल में अपना पहचान छिपाकर कर भिलाई के सपेला में रह रही थी। बंग्लादेशी महिला का असली नाम पन्ना बेबी है लेकिन वह अंजली सिंह उर्फ कोकिला घोष बन कर रह रही थी। इस बात कि खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है साथ ही उसके किराए पर रखने वाले मकान मालिक सूरज साव पर भी पुलिस कार्यवाही कर रही है।
वर्षों से धरमजयगढ़ के गली-गली में निवास कर रहे बंग्लादेशी घूसपैठी
वहीं धरमजयगढ़ के गली-गली मुहल्ले में बंग्लादेशी घूसपैठी निवास कर रहे हैं इसकी पूरी जानकारी स्थानीय प्रशासन को होने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रहा है। नगरीय क्षेत्र में सबसे अधिक घूसपैंठी वार्ड क्रमांक 3 एवं 6 में किराए के मकान में रह रहे हैं तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो बंग्लादेशी घूसपैंठी सागरपुर एवं प्रेमनगर में कॉलोनी बनाकर रह रहे हैं। अब सवाल उठता है कि बंग्लादेशी घूसपैंठियों को शांत धरमजयगढ़ में किनके द्वारा बैंठाया गया है? इनका राशन कार्ड, आधार कार्ड वोटर आईडी कैसे बन गया? इनका आईडी बनाने से पहले अधिकारी सत्यता की जांच क्यों नहीं किये?
पुलिस करें तो करें क्या?
पहलगाम घटने के बाद धरमजयगढ़ पुलिस भी घूसपैंठियों की खोज खबर लिया था, कई लोगों को बुलाकर समझाईस देते हुए धरमजयगढ़ से छोड़कर चले जाने को कहा गया था, लेकिन पुलिस की धमकी का कोई असर इन घूसपैंठियों पर नहीं पड़ा। बंग्लादेश से अवैध तरीके से घूसपैठकर आये कई टाईल्स मिस्त्री धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक 3 एवं 6 में रहकर काम कर रहे हैं। और इनके द्वारा लेबर के नाम पर बंग्लादेश से कई लोगों को ला रखा है अपने साथ। शातिर घूसपैठियों ने कुछ जनप्रतिनिधियों को लालच देकर अपना वोटर आईडी, आधार कार्ड एवं राशन कार्ड बनवा लिया है जिसके कारण पुलिस को इन घूसपैंठियों पर कार्यवाही करने में परेशानी हो रहा है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए गलत तरीके से आधार, वोटर आईडी बनाने वाले घूसपैठियों की सही तरीके से जांचकर कड़ी कार्यवाही करेंं ताकि पहलगाम जैसे घटना धरमजयगढ़ में ना घटे?



