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आखिर किनके सह पे हो रहा शासकीय राशन की हेरा-फेरी… खाद्य विभाग क्यों नहीं करते घोटालेबाज दुकानदारों पर कार्यवाही?… एक ही समूह को क्यों दिया जाता है 5 से 7 राशन दुकान?

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

रायगढ़ जिले के आदिवासी बहुल्य विकासखण्ड धरमजयगढ़ में शासकीय राशन की हेरा-फेरी का मामला आम होता जा रहा है, गरीब आदिवासी हितग्राहियों के राशन पर राशन दुकानदार डाका डालने बाज नहीं आ रहे हैं। शिकायत के बाद भी राशन दुकानदारों पर कार्यवाही नहीं होने से घोटाले बाज दुकानदारों के हौसले बुलंद हो गया है। राशन की हेरा-फेरी करने वाले दुकानदारों पर खाद्य अधिकारियों का कोई डर भय नहीं है। जिसका नतीजा है कि आज धरमजयगढ़ विकासखण्ड के अधिकत्तर राशन दुकान में लाखों का गोलमाल कर रखा है दुकानदार शासकीय राशन की हेरा फेरी करने वाले दुकानदारों पर कार्यवाही नहीं होने से नाराज ग्रामीण मुख्यमंत्री निवास बगिया में शिकायत करने जायेंगे।

शिकायत पर कार्यवाही नहीं होने से नाराज हितग्राही मीडिया से लगा रहे गुहार

काई-कई महिनों का राशन नहीं देने की शिकायत लेकर एसडीएम एवं खाद्य अधिकारी के पास आने के बाद भी ग्रामीणों को सही तरीके से राशन नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि राशन माफियाओं के साथ मिली भगत कर गरीबों का राशन में डाका डाल रहे हैं? ग्रामीणों के आरोप में कितनी सच्चाई है इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं कि शिकायत करने गरीब आदिवासी महिला-पुरूष ट्रैक्टर किराये कर लेकर विकास खण्ड मुख्यालय आते हैं और दिन भर पेड़ के नीचे बैंठकर अधिकारियों का इंतजार करते हैं लेकिन इसके बाद भी राशन माफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं होता है। राशन माफिया फिर धमकाते हुए कहते हैं क्या कर लिए शिकायत करके, कुछ बिगाड़ पाये क्या मेरा? जिससे नाराज ग्रामीण मीडिया के माध्यम से जिले के उच्च अधिकारियों से गुहार लगा रहे हंै कि गरीबों के राशन पर डाका डालने वाले माफियाओं के जांचकर कार्यवाही करें।

सिर्फ दुकान निलंबित कार्यवाही क्यों नहीं?

राशन की हेरा फेरी करने वाले राशन दुकानदार पर खाद्य विभाग सिर्फ दुकान निलंबित करते हैं हेरा फेरी करने वाले दुकानदार पर एफआईआर क्यों नहीं करते हैं? क्या इन दुकानदार को शासन द्वारा गरीबों के निवाले पर डाका डालने का छुट दिया है? या फिर कहा जाये सब मिलीभगत से घोटाला किया जाता है। जिसके कारण राशन घोटाला करने वाले दुकानदार को बचाने के लिए उसका राशन दुकान निलंबित कर दिया जाता है? नियम तो यह बोलता है कि अगर जांच में राशन हेरा फेरी करने का सबूत मिलता है तो राशन दुकान संचालक पर खाद्य विभाग के अधिकारी द्वारा पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करने का प्रतिवेदन देना चाहिए ताकि आगे गरीबों के निवाले पर कोई डाका ना डाले।

सबसे बड़ा सवाल कार्यवाही करेगा कौन?

धरमजयगढ़ विकासखण्ड बड़ा होने के कारण दो-दो खाद्य अधिकारी पदस्थ किया गया शासन द्वारा, ताकि राशन सही तरीके से वितरण हो सके। लेकिन इसके बाद भी धरमजयगढ़ विकासखण्ड में राशन माफियाओं द्वारा खुलकर कर राशन की हेराफेरी कर रहे हैं। ग्रामीणों से पॉस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद तीन-तीन माह का राशन नहीं दे रहे हैं इसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों द्वारा खाद्य अधिकारी से करने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर जीरो बटा सन्नाटा ही देखने को मिल रहा है, अब सवाल उठता है कि ग्रामीण किसके पास शिकायत करने जाये?

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