जोहार छतीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ में पुलिस थाना परिसर स्थित क्वार्टरों की जमीन पर एडीजे कोर्ट निर्माण के फैसले ने पुलिसकर्मियों के परिवारों को आक्रोशित कर दिया है। वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहे परिवार अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासन के इस कदम को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं। पुलिसकर्मियों के परिजनों का कहना है कि जिन्होंने दिन-रात अपनी सेवाएं देकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की, आज उन्हीं के परिवारों को बेघर करने की तैयारी की जा रही है। उनका सवाल है कि क्या न्यायालय बनाने के नाम पर पुलिस परिवारों की छत छीन लेना ही न्याय है? परिजनों ने स्पष्ट कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर एकतरफा निर्णय ले रहा है। वहीं, प्रशासन इस जमीन को शासकीय बताते हुए कोर्ट निर्माण को आवश्यक बता रहा है, लेकिन पुलिस परिवारों का कहना है कि पहले उनके पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही कोई निर्माण कार्य शुरू किया जाए। धरमजयगढ़ में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरमा गया है और पुलिस परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।



