जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
जीवन दीप समिति में 3000 हजार पर कार्यरत स्टॉप के भरोसे चल रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हॉस्पिटल ऐसा तो नहीं शासकीय नर्स और डॉक्टर का जिम्मेदारी पर नहीं है ध्यान मुख्यालय छोड़कर अपने निजी संस्थान से कर रहा आवागमन और हॉस्पिटल के प्रति नहीं है। ध्यान,सरकार नहीं दे रहा महीने का तन्खवा ऐसा तो नहीं बताए जिले के जिम्मेदार, समय पर क्यों नहीं खुल पाते हॉस्पिटल का ह्रक्कष्ठ क्या जिम्मेदार अधिकारी का खुला छुट का वजह तो नहीं, सरकार द्वारा हॉस्पिटल के बगल पर बनाये गए शासकीय आवास जिसमें सरकारी डॉक्टर और नर्स के लिए लेकिन रहने के बजाय छोड़कर अपने निजी निवास में रहकर आवागमन करने वालों स्टॉप नर्स और डॉक्टर के ऊपर जिम्मेदार अधिकारी मेहरबान क्यों, इमरजेंसी पेसेंट आये तो स्वास्थ्य के इलाज आखिर कौन करेगा, क्या जीवन दीप समिति में लगे स्टॉप के भरोसे चल रहा आयुष्मान आरोग्य मंदिर हॉस्पिटल और डॉक्टर नर्स के बिना चपरासी और जीवन दीप समिति में लगे स्टॉप करा तो नहीं रहा डीलवारी, नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठे जिम्मेदार क्चरूह्र का देख रेख करने में ध्यान नहीं..ऐसे तो नहीं, लापरवाह का हदे पार नवागढ़ क्षेत्र में जिम्मेदारी का नहीं ध्यान। सवाल तो बनता है जब 3000 में जीवन दीप समिति के स्टॉप द्वारा बिना शासकीय स्टॉप के गैर मौजूदगी में क्क॥ष्ट सेंटर चला रहे तो शासकीय डॉक्टर और नर्स को 30 से 40 हजार रुपये देने का जरूरत ही क्या, जिले के जिम्मेदार अधिकारी अपने विभाग का जांच करते हंै या नहीं, आम जनता ने रखा अपनी बात और कहा सरकारी हॉस्पिटल के प्रति ध्यान नहीं और भगवान भरोसे चल रहा बिना शासकीय नर्स और डॉक्टर के हॉस्पिटल और मुख्यालय छोड़कर बाहर तो नहीं रहते जिम्मेदार, ऐसे लापरवाह डॉक्टर और नर्स के ऊपर कार्यवाही करने का आम जनता की मांग।



