जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल की दीवार पर निजी अस्पताल के प्रचार-प्रसार से जुड़े फ्लेक्स लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद भाजपा मंडल मंत्री गोविंद महंत ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकारी अस्पताल की दीवार का इस्तेमाल निजी संस्थान के विज्ञापन के लिए किए जाने पर आपत्ति जताते हुए तत्काल फ्लेक्स हटाने की मांग की है। गोविंद महंत का कहना है कि प्रदेश सरकार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में सरकारी अस्पताल परिसर अथवा उसकी दीवारों पर निजी अस्पतालों के प्रचार-प्रसार के विज्ञापन दिखाई देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर अस्पताल प्रबंधन इस तरह के विज्ञापन लगाकर क्या संदेश देना चाहता है?
सरकारी दीवार पर निजी प्रचार को लेकर सवाल
भाजपा मंडल मंत्री ने कहा कि सिविल अस्पताल आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन यहां उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर निजी अस्पताल का विज्ञापन लगाए जाने से अस्पताल की व्यवस्था और प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकारी भवन एवं परिसर की दीवारों पर लगाए गए निजी अस्पताल के प्रचार-प्रसार वाले फ्लेक्स को तत्काल हटाए। साथ ही भविष्य में सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल निजी विज्ञापन के लिए न हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाए।
अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टता की मांग
गोविंद महंत ने कहा कि यदि किसी निजी संस्था अथवा अस्पताल को सरकारी अस्पताल की दीवार पर विज्ञापन लगाने की अनुमति दी गई है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं यदि बिना अनुमति के फ्लेक्स लगाया गया है तो जिम्मेदार व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल की दीवारें किसी निजी अस्पताल के प्रचार का माध्यम नहीं बननी चाहिए। अस्पताल प्रबंधन को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर विज्ञापन हटाना चाहिए, ताकि आम जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे। अब देखने वाली बात होगी कि भाजपा मंडल मंत्री की आपत्ति के बाद धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सरकारी दीवार पर लगाए गए निजी अस्पताल के विज्ञापन को कब तक हटाया जाता है।








