जोहार छत्तीसगढ़-कसडोल।
राह संघर्ष की जो चलता है, वही तो संसार बदलता है। जिसने रातों की जंग जीती, वही सूर्य बनकर निकलता है। इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए ग्राम सेमरा गिधौरी के होनहार युवा महिपेंद्र रात्रे ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन, त्याग और दृढ़ संकल्प के बल पर महज 20 वर्ष की उम्र में NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर MBBS में प्रवेश प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। महिपेंद्र रात्रे, शासकीय हाई स्कूल कुम्हारी में पदस्थ रेवती दादूराम रात्रे के सुपुत्र हैं। साधारण परिवार से आने वाले महिपेंद्र ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
6 वर्ष की उम्र में माता-पिता से दूर रहकर शुरू की पढ़ाई
महिपेंद्र रात्रे की संघर्षपूर्ण शिक्षा यात्रा भी उनकी सफलता की तरह प्रेरणादायक है। उन्होंने सेमरा गिधौरी स्थित कैपस्टोन विद्यालय से कक्षा पांचवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद मात्र 6 वर्ष की उम्र में माता-पिता से दूर रहकर जवाहर नवोदय विद्यालय, माना कैंप रायपुर में अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी।
जवाहर नवोदय विद्यालय में रहकर उन्होंने अनुशासन और निरंतर मेहनत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी शुरू की और कम समय में ही कड़ी मेहनत के दम पर परीक्षा में सफलता अर्जित की।
राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में मिला MBBS में प्रवेश
महिपेंद्र रात्रे की मेहनत का सुखद परिणाम इस वर्ष सामने आया, जब उन्हें स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में रूक्चक्चस् की सीट प्राप्त हुई। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का उनका सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
माता-पिता के त्याग और परिवार की मेहनत को दिया श्रेय
महिपेंद्र की इस उपलब्धि में उनके माता-पिता के त्याग, समर्पण, अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बेटे की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों और शुभचिंतकों द्वारा महिपेंद्र को लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
संकुल केंद्र कुम्हारी के शिक्षकों ने दी शुभकामनाएं
महिपेंद्र रात्रे की सफलता पर संकुल केंद्र कुम्हारी के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके जन्मदात्री माता-पिता को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। शिक्षकों ने महिपेंद्र की चहुंमुखी उन्नति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
महिपेंद्र रात्रे की कहानी यह संदेश देती है कि सुविधाएं सीमित हो सकती हैं, लेकिन यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और मन में दृढ़ संकल्प हो तो सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है। महज 20 वर्ष की उम्र में NEET में सफलता हासिल कर MBBS की पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाने वाले महिपेंद्र ने अपने परिवार के साथ-साथ ग्राम सेमरा गिधौरी और पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
महिपेंद्र रात्रे को उज्ज्वल भविष्य एवं MBBS की पढ़ाई के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।








