भोपाल । 10वीं और 12वीं की एमपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम तैयार करने के नए तरीके पर अमल हो रहा है। निजी स्कूल संचालकों की नाराजगी के बाद ये बदलाव किया गया है। पूर्व में जिस फार्मूले के तहत परिणाम तैयार किया जाना था उसे लेकर निजी स्कूल संचालकों द्वारा नाराजगी जाहिर की गई। इसके बाद अब नए सिरे से परिणाम तैयार कराने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार पहले में दसवीं, ग्यारहवीं व बारहवीं के अंकों को आधार बनाकर रिजल्ट निकालने का फार्मूला तैयार किया गया था। इस फार्मूले को निजी स्कूल संचालकों ने उसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, हमारे पास पिछले साल की ग्यारहवीं कक्षा का रिजल्ट नहीं है। ऐसे में बारहवीं का रिजल्ट तैयार कर पाना संभव नहीं होगा। इसमें बदलाव किया जाए। स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने रिजल्ट बनाने को लेकर दसवीं का 50 फीसदी, ग्यारहवीं व बारहवीं की छमाही व वार्षिक परीक्षा के आधार पर 25-25 फीसद अंकों के आधार पर मूल्यांकन का फार्मूला तैयार कर लिया था। इसके आधार पर स्कूलों को अंकों को तैयार कर माशिमं को भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निजी स्कूलों ने विरोध करते हुए इसमें बदलाव की मांग की जिसके कारण इसे निरस्त कर दिया गया।
अब इस तरह बनाया फार्मूला
अब दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम व बारहवीं के रिवीजन और छमाही परीक्षा के आधार पर बारहवीं का फार्मूला तैयार होगा। दसवीं के सभी विषयों का 12वीं के विषयों से मैपिंग कर 60 फीसदी से अधिक अंक लिए जाएंगे और 20 फीसदी बारहवीं के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार किए जाने की तैयारी है। आंतरिक मूल्यांकन के 20 फीसदी अंक स्कूल वाले देंगे। इस फार्मूले को अनुमति मिलने के बाद रिजल्ट तैयार करने पर विचार किया जाएगा।


