जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ मुख्यालय के सभी ग्राम पंचायतो में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा योजना के तहत सड़क किनारे पौधारोपण का कार्य किया गया लेकिन ग्राम पंचायत पोटिया में वृक्षारोपण के नाम पर हुए लाखों के घोटाले में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि समेत रोजगार सहायक की बोलती बंद हो गई है। और इस मुद्दे को लेकर अपना चेहरा छिपा रहे हैं। पोटिया के सरपंच और सचिव की माने तो पौधारोपण का पूरा कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार सहायक ने करवाया है। और इस योजना की राशि का किस तरह दुरुपयोग किया गया इस वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है। पौधों का घेराव तो किया गया। किन्तु बिना गुणवत्ता वाले लकडिय़ों से इन पौधों का घेराव किया गया जो कुछ दिनों बाद ही टूटकर गिरने लगी वहीं रख रखाव के आभाव में पौधे प्यासे ही सुख गये। अब जब इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया के लोगों को हुई तो रोजगार सहायक अपना मोबाइल बंद करके चेहरा छिपा रही है। ऐसे में शासन के लाखों रुपयों का दुरूपयोग करके पूरे मनरेगा के कार्य में उक्त सचिव द्वारा भ्रष्टाचार किये जाने की बात स्वयं इस पंचायत के जनप्रतिनिधि कर रहे हैं। बताते चले कि रोजगार सचिव द्वारा इस कार्य की राशि में हेरफेर करने की आशंका तो जताई ही जा रही है साथ में रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीण इसकी शिकायत जिलास्तर में करने की बात कह रहे हैं।


