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भ‎विष्य में ‎किल्लत ना हो इस‎लिए 24 घंटे चलेंगे ऑक्सीजन प्लांट

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 भोपाल  ।  बढते कोरोना संक्रमण के चलते आक्सीजन की मांग भी बढते जा रही है।  राजधानी में फिलहाल तो ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसा ना हो, इसके लिए कलेक्टर अविनाश लवानिया ने ऑक्सीजन प्लांट 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी राज्य से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं रोकी गई है। हमारी मांग के अनुसार ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए एक समिति बना दी गई है, जो ऑक्सीजन प्लांट की मॉनीटरिंग करेगी। यह समिति हर 24 घंटे में एक बार रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में पहले ऑक्सीजन सप्लाई होगी। इसके बाद ही इंडस्ट्री को सप्लाई की जाएगी। इधर, कोविड केयर अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन की मांग दो से पांच गुना तक बढ गई है। एलएन मेडिकल कॉलेज में ढाई, हमीदिया में तीन, एम्‍स में चार और चिरायु मेडिकल कॉलेज में पांच गुना तक ऑक्‍सीजन की खपत बढ गई है। प्रबंधन का दावा है कि ऑक्‍सीजन की आपूर्ति इन सभी अस्‍पतालों में प्रभावित नहीं हो रही है। बता दें कि वर्तमान में कोरोना के 652 मरीज गंभीर या अति गंभीर स्थिति में हैं। इन्हें ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत पड़ती है। सामान्य तौर पर अस्पताल में 890 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी। कोरोना मरीजों के भर्ती होने के बाद यह जरूरत करीब ढाई गुना बढ़कर 2200 से 2300 (2.2 से 2.3 किलो) लीटर प्रति मिनट हो गई है। हमीदिया अस्‍पताल को कोविड केयर अस्‍पताल बनाने से पहले एक दिन में करीब 400 घन मीटर ऑक्‍सीजन लगती थी लेकिन जब से यहां कोरोना मरीजों का इलाज शुरू हुआ है तब से 900 घन मीटर ऑक्‍सीजन प्रतिदिन लगने लगी है। हालांकि प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन है और हवा से ऑक्‍सीजन बनाने वाले संयत्र लगाने के लिए उन्‍हें अतिरिक्‍त ऑक्‍सीजन की जरूरत भी नहीं है लेकिन अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की आपूर्ति को लेकर गहमागहमी का माहौल है। कॉलेज के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका ने बताया कि कोरोना के चलते सामान्य दिनों के मुकाबले ऑक्सीजन की खपत 5 गुना तक बढ़ गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। यहां पर कोरोना मरीजों के लिए 668 साधारण और 132 आइसीयू बेड हैं। इधर, एलएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के लिए शासन ने 300 बिस्तर लिए हैं। इनमें 32 आइसीयू बिस्तर हैं। मालूम हो ‎कि देशभर में कोराना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही मरीजों के लिए ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ने लगी है। महाराष्ट्र और गुजरात में अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ने का असर भोपाल में भी पड़ सकता है।

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