जोहर छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
प्रदेश में 15 वर्षों से भाजपा सरकार के बाद कांग्रेस की सरकार आई है। सरकार बनते ही प्रदेश के नगरीय निकायों में कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को एल्डरमेन बनाकर बैठा दिया था। लेकिन कुछ दिन बाद नगरीय निकायों में चुनाव हुई जिससे एल्डरमैन की नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई। क्योंकि यह नियम में ही है कि नगरीय निकाय में नियुक्त एल्डरमेन निकाय में चुनाव के बाद पदमुक्त हो जाते हैं। या प्रदेश में सरकार बदलने से पूर्व सरकार द्वारा की गई नियुक्ति को निरस्त कर दी जाती है। ऐसे ही हुआ है धरमजयगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार आई तो नगरीय निकायों में भाजपा के एल्डरमेन थे। कांग्रेस सरकार ने उस नियुक्ति को निरस्त कर नए एल्डरमेन की नियुक्ति की जिसमें कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जगह मिली। जिसमें नगर पंचायत धरमजयगढ़ के लिए श्याम साहू, कंवलजीत सिंह कोमल एवं गोविंद राठिया को एल्डरमेन बनाया गया। लेकिन कुछ माह बाद ही नगर पंचायत का चुनाव हुआ और इनकी नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई। लेकिन अब पुन: एल्डरमेन नियुक्ति की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। क्योंकि प्रदेश के आयोग,निगम, मण्डलों में बड़े नेताओं की ताजपोशी कर उनको खुश कर दी गई है। अब बारी है नगरीय निकायों में नियुक्ति की जिसके लिए कार्यकर्ताओं में भागमभाग मचा है। धरमजयगढ़ में भी कांग्रेसी कार्यकर्ता एक दूसरे को नजर घुमाकर देखने लगे हैं। पूर्व एल्डरमेन चाह रहे हैं कि उनका कार्यकाल बहुत कम समय का था तो दोबारा मौका दिया जाय। तो दूसरे कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमको भी मौका मिलना चाहिए। कुछ दिन पहले नगर में राशन वितरण को लेकर जांच चल रही थी जिसमें एक समाचार चैनल ने महेश जेठवानी को एल्डरमेन बताया था। जिसे कांग्रेसी हजम नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि महेश जेठवानी के पत्नी भावना जेठवानी को कांग्रेस ने टिकट दिया और वो पार्षद चुनी गई हैं। वहीं श्याम साहू पूर्व एल्डरमेन हैं लेकिन वर्तमान में उनकी पत्नी तरुणा साहू नगर पंचायत धरमजयगढ़ की अध्यक्ष हैं। पूर्व एल्डरमेन कंवलजीत सिंह कोमल के भतीजे गगनदीप कोमल कांग्रेस से पार्षद चुनकर आए हैं। जन चर्चा है कि इस बार दारा खान का एल्डरमेन बनना तय है। क्योंकि वे विधायक के बहुत करीबी में से हैं। वहीं भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामे हेमंत साव की दावेदारी बहुत मजबूत दिखाई दे रही है। क्योंकि कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकायों में दिव्यांगों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही है। जिससे साव का एल्डरमेन बनना साफ दिखाई दे रहा है। लेकिन ऐसा होता है तो कांग्रेस का एक धड़ नाराज हो जाएगा। क्योंकि नगर में कई वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं। उनको दरकिनार कर नए को जगह देना कैसे हजम होगा। खैर सम्भावना जताई जा रही है कि बहुत जल्द नियुक्ति हो जायेगी और सब साफ नजर आएगा।

