जोहार छत्तीसगढ़-नवागढ़।
नवागढ़ से मुंगेली तक जाने वाली सड़क अब राहगीरों के लिए मौत का जाल बन गई है। सड़क पर हुए विशालकाय गड्ढे रोजाना दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। आलम यह है कि छोटी गाडिय़ां, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिलें इन गड्ढों की भेंट चढ़कर पलट रही हैं, और दोपहिया वाहन चालक आए दिन घायल हो रहे हैं। पिछले रविवार को नवागढ़ के मुख्य चौक के पास ही एक ई-रिक्शा पलटने से कई लोगों को मामूली चोटें आईं और रिक्शा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना सड़क की भयावह स्थिति का एक छोटा सा उदाहरण मात्र है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) कुंभकर्णी नींद सो रहा है। इन जानलेवा गड्ढों के बावजूद विभाग की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। आत्मानंद स्कूल जाने वाला मार्ग भी इन गड्ढों से अछूता नहीं है, जिससे स्कूल आने-जाने वाले छात्रों और शिक्षकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुंगेली रोड पर झाल और गाड़ामोड़ के बीच की स्थिति तो इतनी खराब है कि एक गड्ढा इतना बड़ा हो गया है कि लोगों को चेतावनी देने के लिए उस पर कांटों का ढेर रखना पड़ रहा है ताकि कोई उसमें फंसकर दुर्घटनाग्रस्त न हो जाए। यह दर्शाता है कि प्रशासन किस कदर निष्क्रिय है और जनता अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत कराने और राहगीरों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।



