जोहार छत्तीसगढ़-कुनकुरी।
न्याय के लिए न्याय पालिका पर भरोसा करता है आज की तारीख में भारत का हर आदमी किसी भी प्रकार से आर्थिक सामाजिक राजनितिक या धार्मिक किसी भी क्षेत्र में अपराध हो तो आम आदमी के मुंह से एक ही बात निकलती है मैं तुम्हे कोर्ट में देख लूंगा यही एक शब्द है जो की किसी भी आदमी को भरोसा दिलाता है की उसके साथ अन्याय नहीं होगा मतलब कह सकते है की भारत के हर ताकबे के लोग न्याय पालिका पर पूरा भरोसा करते है। मामला विद्युत ठेकेदार से जुड़ा हुआ है, वरुण सोमानी विद्युत ठेकेदार जो की रायगढ़ की गलियारों में बिजली विभाग का काम करना था जिसमें खम्बों में लाईट लगाना वोल्टेज की समस्या को देखते हुए नये ट्रांसफार्मर लगाना स्ट्रीट लाईट बगैरह विद्युत विभाग का ही काम करना था यह काम 2012 से लेकर 2016 तक रायगढ़ के हर गली मोहल्लो में किया। काम पूरा हो जाने के बाद ठेकेदार ने जब बिल पेस किया तो उसे प्रशासनिक प्रताडऩा का सामना करना पड़ा और बिजली विभाग ने वरुण सोमानी ठेकेदार के एक करोड़ 4 लाख रुपए पाने के लिए बिजली विभाग के ऊपर से लेकर निचे तक ऑफिस के चक्कर काटना पड़ा फिर भी उन्हें अपने हक का पैसा नहीं मिल पाया। थक हारकर बिलासपुर हाई कोर्ट की शरण में जाकर अधिवक्ता आकाश मिश्रा से सम्पर्क कर कानूनी सलाह ली। हाई कोर्ट अधिवक्ता आकाश मिश्रा ने माननीय न्यायलय में जनवरी माह में रिट दायर कर बहस किया माननीय न्यायलय ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद 1 करोड़ 4 लाख में से अविवादित राशि 2 माह के अंदर नगर पालिका निगम को अदा करने का आदेश दिया। हाई कोर्ट का आदेश आते ही सोमानी परिवार के चेहरे पर खुशी की रौनक छा गई हमने जब रामगोपाल सोमानी परिवार के सदस्य वरुण सोमानी से बात की तो उनका कहना था की मुझे न्यायलय पर पूरा भरोसा था मेरे साथ न्याय जरूर होगा अधिवक्ता आकाश मिश्रा के माध्यम से मुझे न्याय मिला। इस विषय पर आकाश मिश्रा से बात की उनका कहना है कि 1 करोड़ 4 लाख रूपये की राशि में से अविवादित राशि नगर निगम 2 माह के अंदर अदा करेगा। मेसर्स रामगोपाल सोमानी फर्म जो वर्षों से अपने ही पैसे को पाने के लिए रायगढ़ नगर निगम का चक्कर काटता रहा लेकिन मिला तो सिर्फ मानसिक प्रताडऩा ओर कुछ नहीं।



