बिलासपुर । सिम्स के एक डॉक्टर ने अपने सीनियर डॉक्टर के सिफारिश को दरकिनार कर मरीज को भर्ती करने के बजाय उसके एडमिट पत्रक को फेंक दिया। बहस भी हुईं पीडि़त सिम्स और चित्रकूट कोनी सेंटर के चक्कर काटते रह गया।
समीपस्थ ग्राम घुटकू का ह्यूम कुरैशी इलाज के लिए सिम्स पहुचा। उसकी तबीयत खराब है जांच निगेटिव आई तो केजुअल्टी में ड्यूटीरत डॉक्टर ने उसे यह कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया कि आरटीपीसीआर टेस्ट के बाद ही यहां बेड मिलेगा। उसकी हालत को देख कुछ युवाओं ने डॉक्टर से कहा कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने में 8 दिन लगते है यहाँ किट है नही कहा जाए , बहस हो गयी। सहयोगियों ने पीआरओ डॉ आरती पाण्डेय से कॉल कराया तो डॉक्टर ने भर्ती का कागज ही फेक दिया। कि वह किसी के कहने पर भर्ती के लिए बेड अलाट नहीं करेगा।
इसके बाद पीडि़त मरीज कोनी के चित्रकूट सेंटर में व्य वह भी कह दिया गया कि यहां पॉजिटिव केसेस ही रखे जा रहे। मरीज भटकता रहा जबकि पीआरओ ने खुद दो बेड खाली होने की जानकारी युवाओं को देकर सिफारिश की थी। इसकी शिकायत पीआरओ डॉ. आरती पाण्डेय से युवाओं ने की है।



